जमुई में सरेआम 10वीं छात्रा से हुई बदसलूकी और छेड़खानी के बाद पीड़िता की मां ने कहा- दोषियों को ऐसी सजा होनी चाहिए, जिससे दूसरे लोग ऐसा कुछ भी करने से डरें।
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पीड़िता के माता-पिता ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। जिसमें घटना को लेकर कई बातें बताईं। 19 सितंबर की शाम हुई घटना को लेकर उन्होंने कई खुलासे किए।
मां ने बताया कि बेटी घर आई और सो गई। सुबह देर से उठी, रात तक कुछ नहीं बोला। सुबह इलाके में चर्चा थी, लेकिन उस वक्त तक हमें कोई जानकारी नहीं थी।
घटना को लेकर मां-पिता ने क्या-क्या बताया, कैसे घटी पूरी घटना पढ़िए…
‘20 सितंबर की शाम मुझे घटना की जानकारी मिली’
मां ने भास्कर को बताया, “19 सितंबर की घटना के बाद मेरी बेटी घर आई और अपने कमरे में जाकर सो गई। हमें लगा कि वह थक गई होगी, इसलिए हम लोगों ने उससे कुछ नहीं पूछा। 20 सितंबर की सुबह भी वह देर से उठी।
मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ, सब ठीक है न? उसने तबीयत खराब होने की बात कही। मुझे उस समय घटना के बारे में कुछ पता नहीं था।
20 सितंबर की शाम मुझे आसपास के लोगों से घटना की जानकारी मिली। इसके बाद मैं घर आई और बेटी को बहुत डांटा। मैंने उससे पूछा कि ये सब क्या है? तुमने हमें पहले घटना के बारे में क्यों नहीं बताया?
इसके बाद वह बहुत रोने लगी। फिर उसने मुझे अपने साथ हुई पूरी घटना के बारे में बताया। इसके बाद हमने मामले को गंभीरता से लिया और पुलिस-प्रशासन से संपर्क किया।”

‘उस लड़के ने भी मेरी बेटी का साथ नहीं छोड़ा’
“घटना के समय मेरी बेटी के साथ जो लड़का था, वह बहुत अच्छा लड़का है। उसने मेरी बेटी का साथ नहीं छोड़ा। उसके सामने इतने लड़के आकर खड़े हो गए थे, फिर भी उसने इस परिस्थिति में मेरी बेटी का साथ छोड़कर भागने की कोशिश नहीं की।
इसके लिए मैं बहुत खुश हूं। इतना ही नहीं, मेरी बेटी ने भी उसका बहुत अच्छे से साथ निभाया। दोनों बच्चे बहुत समझदार हैं।”
‘मुख्यमंत्री ने मेरी बेटी को बहादुर बच्ची कहा’
“मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से जब हमारी मुलाकात हुई तो उन्होंने हमसे एक बच्ची के माता-पिता की तरह मुलाकात की। उन्होंने मेरी बेटी से कहा कि वह बहुत बहादुर बच्ची है।
उन्होंने भरोसा दिया कि पढ़ाई या सुरक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की जरूरत हो तो वह बेहिचक उनसे मिल सकती है। उन्होंने कहा कि जब भी जरूरत होगी, वह मेरी बेटी की मदद के लिए तैयार रहेंगे।”
“जमुई पुलिस और प्रशासन ने हमारा पूरा साथ दिया। पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई की। प्रशासन की तरफ से भी मुझे किसी तरह की कमी महसूस नहीं हुई। पुलिस लगातार सक्रिय रही और हमारा साथ दिया।”
पिता बोले- सीएम ने बेटी को हिम्मत दी
छात्रा के पिता ने कहा, ‘सम्राट चौधरी ने मेरी बच्ची से कहा कि अभी तक तुम जिस तरह से खुलकर जीती आ रही हो, वैसे ही आगे भी जीना। किसी से डरने की जरूरत नहीं है। इसी हिम्मत के साथ आगे बढ़ते रहना है।
सीएम ने हमें भी आश्वासन दिया कि राज्य में उनकी बेटी को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर सरकार उनकी मदद करेगी।
जमुई पुलिस और प्रशासन ने मामले में अच्छा काम किया है। डीएम समेत पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई से मैं संतुष्ट हूं।

‘समाज को जागरूक और एकजुट होना होगा’
सिर्फ पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई से ही ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी, बल्कि समाज के लोगों को भी जागरूक होना होगा। किसी बेटी के साथ ऐसी घटना होने पर लोगों को चुप रहने के बजाय एकजुट होकर उसका साथ देना चाहिए।”
अब जानिए क्या है जमुई बैड टच कांड
19 सितंबर को जमुई के मड़वा पहाड़ इलाके में 14 साल की छात्रा के साथ सड़क पर छेड़खानी और अभद्र व्यवहार किया गया था। इसका वीडियो 21 सितंबर को सामने आया।
पुलिस के अनुसार, वीडियो की जानकारी 21 सितंबर को मिली, जिसके बाद पीड़िता की पहचान कर केस दर्ज किया गया। इसके लिए SIT बनाई गई। वीडियो में दिख रहे तीन नाबालिगों को पकड़ा गया, जबकि मुख्य आरोपियों के रूप में बताए जा रहे हरेराम यादव और नंदन यादव का 22 सितंबर को एनकाउंटर किया गया।
पुलिस के मुताबिक दोनों नदी किनारे झाड़ियों में छिपे मिले; हरेराम को पकड़ने के दौरान वह घायल हुआ, जबकि नंदन के पुलिस पर गोली चलाने के बाद जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हुआ। फिलहाल, नंदन का अस्पताल में इलाज चल रही है। वहीं, हरेराम को पुलिस ने 23 सितंबर को कोट में पेश कर 14 दिन के न्यायिक हिरासत के लिए भेज दिया है।
इस मामले में अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है, जिनमें एक बालिग को जेल और नाबालिगों को बाल न्याय बोर्ड के समक्ष भेजा गया है। वहीं, वीडियो बनाने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी साइबर कार्रवाई की जा रही है।

घटना के दौरान की तस्वीरें, इनमें छात्रा आरोपी से विनती करती है, आरोपी अभद्रता है और आखिरी में कुछ लोग उन्हें जाने देते हैं।

छात्रा विनती करती है, इस दौरान भी आरोपी उसके बांह पर हाथ लगाता है।

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“मेरे बेटे ने गलती की है तो कानून के मुताबिक सजा दें, मुझे मंजूर है। उसे जेल में रखें, लेकिन उसकी जान नहीं जानी चाहिए। ” ये कहना है जमुई छेड़खानी के मुख्य आरोपी नंदन यादव की मां का। वो अपने बेटे से एक बार मिलना चाह रही है, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस उन्हें अपने बेटे से न मिलने दे रही है, न ही उसकी तस्वीर दिखा रही है। पूरी खबर पढ़ें।
