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सहरसा जिला स्वास्थ्य समिति में डाटा ऑपरेटरों के वेतन और सीएस को थप्पड़ मारने के आरोप से जुड़ा विवाद अब प्रशासनिक स्तर पर पहुंच गया है। सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने उर्मिला एजेंसी के जिला समन्वयक समीर कुमार गुप्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। वहीं, जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी कंचन कुमारी से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है। सीएस सह सदस्य सचिव ने शनिवार को पत्रांक 2045 और 2046 जारी किए। पत्रांक 2045 उर्मिला इंटरनेशनल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, बोरिंग रोड, पटना के प्रबंधक को भेजा गया है। इसमें समीर कुमार गुप्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। सत्यापन दस्तावेज नहीं देने का आरोप पत्र के मुताबिक, समीर कुमार गुप्ता शुक्रवार को डाटा एंट्री ऑपरेटरों की उपस्थिति सूची लेकर सीएस कार्यालय पहुंचे थे। संचिका से जुड़े सत्यापन दस्तावेज मांगे जाने पर उन्होंने दस्तावेज देने से इनकार कर दिया और उपस्थिति सूची की फाइल टेबल पर छोड़कर चले गए। गलत जानकारी देने और छवि खराब करने का आरोप सीएस के पत्र में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद समीर कुमार गुप्ता ने राज्य स्तर के अधिकारियों को गलत जानकारी दी और मीडियाकर्मियों को बुलाकर सीएस की छवि खराब करने की कोशिश की। सीएस ने इसे अनुशासनहीनता और कर्मचारी आचार संहिता के विरुद्ध बताया है। DMEFO कंचन कुमारी से जवाब तलब दूसरे पत्र, पत्रांक 2046 में जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी कंचन कुमारी से 24 घंटे में जवाब मांगा गया है। पत्र के अनुसार, उपस्थिति सूची पर उनके हस्ताक्षर थे, लेकिन उससे जुड़े सहायक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। सीएस ने कहा कि नियमों के तहत कंचन कुमारी को फाइल स्वयं प्रस्तुत करनी थी, लेकिन वे कार्यालय नहीं आईं और फाइल एजेंसी के कर्मचारी के माध्यम से भेजी गई। विभागीय कार्रवाई को लेकर पूछा सवाल सीएस ने कंचन कुमारी से पूछा है, “उक्त संचिका को स्वयं उपस्थापित न कर अन्य कर्मी के माध्यम से क्यों उपस्थापित कराया गया? आपके विरुद्ध उच्चाधिकारी को विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा क्यों न की जाए?” 110 कर्मियों के वेतन को लेकर शुरू हुआ विवाद विदित हो कि शुक्रवार को उर्मिला एजेंसी के 110 कर्मियों के अक्टूबर माह के लंबित वेतन भुगतान की संचिका को लेकर जिला समन्वयक समीर कुमार गुप्ता और सीएस के बीच विवाद हुआ था। समीर कुमार गुप्ता ने सीएस पर गाली-गलौज और थप्पड़ मारने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया था। अब सीएस की ओर से दोनों पत्र जारी किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है।
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सहरसा में वेतन विवाद के बाद सीएस की कार्रवाई:मूल्यांकन पदाधिकारी कंचन कुमारी से 24 घंटे में जवाब तलब
