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अररिया के त्रिसुलिया घाट पर बुधवार शाम 7 बजे जिला प्रशासन की ओर से गंगा उत्सव आयोजित किया गया। परमान नदी के तट पर हुए कार्यक्रम में आम लोगों की भागीदारी कम रही। अधिकारियों, कर्मचारियों और कुछ स्थानीय लोगों की मौजूदगी में उत्सव मनाया गया, जबकि कई कुर्सियां खाली रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत अमरपाली प्रशिक्षण केंद्र की बच्चियों ने गंगा आरती से की। पारंपरिक कपड़ों में पहुंची बच्चियों ने आरती की और छठ गीत ‘केलवा के पात पर उगेला सूरज देव’ समेत कई पारंपरिक गीत प्रस्तुत किए। आरती के बाद लोगों ने परमान नदी के तट पर दीप जलाए और पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। दीप जलाने की परंपरा और बच्चियों की सांस्कृतिक प्रस्तुति कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे। नदी संरक्षण का दिया संदेश कार्यक्रम के जरिए नदियों की सफाई और संरक्षण के साथ उनके धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। आयोजन का उद्देश्य लोगों को नदी संरक्षण से जोड़ना था। अधिकारियों की रही मौजूदगी जिला प्रशासन की ओर से आपदा एडीएम नवनील कुमार, चंद्रशेखर कुमार और अभिजीत कुमार समेत कई अधिकारी और कर्मचारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। नदी संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित उत्सव में शहर के लोगों की भागीदारी अपेक्षा से कम रही। कार्यक्रम के दौरान कई कुर्सियां खाली दिखीं। अधिकारियों और कुछ स्थानीय लोगों की मौजूदगी के बीच बच्चियों की प्रस्तुति और दीप जलाने की रस्म पूरी की गई।
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अररिया-गंगा उत्सव में खाली रहीं कुर्सियां, कम पहुंचे लोग:त्रिसुलिया घाट पर जिला प्रशासन ने कराया आयोजन; बच्चियों ने की गंगा आरती
