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शहरवासियों को स्वच्छ और हरे-भरे वातावरण में सुबह की सैर करने और परिवार के साथ कुछ सुकून के पल बिताने की सुविधा देने के उद्देश्य से रेलवे प्रशासन ने करीब 40 लाख रुपए खर्च कर एक पार्क का निर्माण कराया। माधुरी चौक के पास रेलवे की पुरानी नर्सरी को विकसित कर आकर्षक पार्क का रूप दिया गया। लेकिन निर्माण कार्य पूरा हुए करीब छह महीने बीत चुके हैं, इसके बावजूद पार्क को अब तक आम लोगों के लिए नहीं खोला गया है। पार्क के मुख्य गेट पर ताला लटका रहता है। ऐसे में लाखों रुपए खर्च कर तैयार की गई यह सुविधा लोगों के किसी काम नहीं आ रही है। रेलवे प्रशासन ने पार्क को आम लोगों के लिए विकसित करने की घोषणा की थी पार्क को इस तरह विकसित किया गया था कि शहर के लोग सुबह-शाम यहां समय बिता सकें। परिसर के चारों ओर मॉर्निंग वॉक के लिए पैदल पथ का निर्माण कराया गया है। बीच में झूले लगाए गए हैं। वहीं, पेड़ों के आसपास चबूतरे बनवाए गए हैं, ताकि लोग प्राकृतिक वातावरण में बैठकर आराम कर सकें। पूरे परिसर में ग्रीन ग्रास भी लगाई गई है। इसके पीछे उद्देश्य था कि लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ यहां आकर फुर्सत के कुछ पल बिता सकें। रेलवे प्रशासन की ओर से इस पार्क को आम लोगों के लिए विकसित करने की घोषणा की गई थी। लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद भी इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए नहीं खोला जाना लोगों की समझ से परे है। स्थानीय लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि जब पार्क आम लोगों के लिए बनाया गया था तो फिर इसे बंद क्यों रखा गया है? छह महीने से तैयार पार्क का उपयोग आखिर कब शुरू होगा? ललित उद्यान की तरह पार्क का भी हश्र होने की आशंका इस पार्क को लेकर लोगों की चिंता इसलिए भी बढ़ रही है, क्योंकि रेलवे के पुराने अग्निशमन केंद्र की ओर पहले भी रेलवे कर्मचारियों और शहरवासियों के लिए एक पार्क का निर्माण कराया गया था। शुरुआत में इसे आम लोगों के लिए खोला गया, लेकिन कुछ दिनों बाद ही प्रवेश पर रोक लगा दी गई। बाद में वहां केवल रेलवे अधिकारियों और उनके बच्चों को ही प्रवेश मिलने की बात सामने आई। धीरे-धीरे देखरेख के अभाव में वह पार्क भी बदहाल होकर कचरे के ढेर में तब्दील हो गया। अब माधुरी चौक के पास पुरानी नर्सरी में विकसित किए गए पार्क को भी बंद रखे जाने से लोग उसके भविष्य को लेकर आशंकित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कहीं इस पार्क की भी स्थिति पुराने पार्क जैसी न हो जाए। लोगों ने रेलवे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पार्क को जल्द से जल्द आम लोगों के लिए खोलने और नियमित रखरखाव की व्यवस्था करने की मांग की है। रेलवे अधिकारी ने क्या कहा समस्तीपुर रेलवे मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने कहा कि पार्क की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेकर इसे जल्द खोला जाएगा।
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समस्तीपुर- 40 लाख का पार्क 6 महीने से बंद:गेट पर लटका रहता है ताला, कचरे से भरी रेलवे की नर्सरी को विकसित कर बनाया था
