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ठेकेदार, इंजीनियर और गैस कंपनी की भूमिका की होगी जांच:गोबरसही PNG ब्लास्ट पर प्रभारी मंत्री ने की रिव्यु मीटिंग, मुआवजे के लिए सरकार को लेटर




मुजफ्फरपुर के गोबरसही-डुमरी रोड पर हुए PNG गैस ब्लास्ट मामले में अब ठेकेदार, पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर और गैस कंपनी की भूमिका की जांच होगी। तीनों के बीच संवाद और समन्वय की कमी को हादसे की बड़ी वजह मानते हुए इन्हें भी जांच के दायरे में लाने की मांग की गई है। शुक्रवार को जिला प्रभारी मंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने समाहरणालय के सभाकक्ष में जिले के वरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर घटना की समीक्षा की। बैठक में गैस पाइपलाइन की सुरक्षा, नाला निर्माण के दौरान बरती गई सावधानी और हादसे से हुए नुकसान पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि घटना को लेकर भारत सरकार की ओर से संबंधित रेगुलेटरी बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर को भी बुलाया गया था। उनके साथ हुई चर्चा में यह बात सामने आई कि ठेकेदार, इंजीनियर और गैस कंपनी के बीच संवाद की कमी के कारण इस तरह की घटना हुई। मंत्री ने कहा कि इन तीनों की भूमिका की जांच होनी चाहिए और यदि लापरवाही सामने आती है तो सभी को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए। चार बिंदुओं पर होगी जांच मंत्री ने बताया कि घटना की जांच में मुख्य रूप से चार बिंदुओं को देखा जाएगा। पहला, PNG पाइपलाइन जिस निर्धारित गहराई पर होनी चाहिए थी, क्या वह उसी गहराई पर बिछाई गई थी। दूसरा, पाइपलाइन के ऊपर सुरक्षा और चेतावनी से संबंधित बोर्ड लगाया गया था या नहीं, ताकि खुदाई के दौरान संबंधित लोगों को इसकी जानकारी मिल सके। तीसरा, जब पथ निर्माण विभाग को जानकारी थी कि उस स्थान से गैस पाइपलाइन गुजर रही है, तो नाला निर्माण के लिए खुदाई के दौरान गैस कंपनी के अधिकारी या कर्मचारी मौके पर मौजूद थे या नहीं। चौथा, घटनास्थल के पास स्थित दुकान या घर में रखे गए गैस सिलेंडरों की स्थिति और उन्हें वहां रखने की परिस्थितियों की भी जांच की जाएगी। मंत्री के अनुसार, शुरुआती तौर पर ठेकेदार, इंजीनियर और गैस कंपनी के बीच समन्वय की कमी सामने आई है। खुदाई के दौरान कोई भी पक्ष पर्याप्त रूप से सतर्क नहीं था। अब यह पता लगाया जाएगा कि किस स्तर पर चूक हुई और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है। क्षतिग्रस्त घरों के मुआवजे पर भी चर्चा बैठक में हादसे से प्रभावित परिवारों और संपत्तियों के नुकसान का मुद्दा भी उठा। मंत्री ने बताया कि विधायक की ओर से उन लोगों को मुआवजा देने की मांग रखी गई, जिनके घरों की छतें और अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस पर विस्तार से चर्चा हुई है। सरकार को इस संबंध में पत्र लिखकर मुआवजे की मांग की जाएगी। मंत्री ने कहा कि घटना की जांच केवल मौके पर मौजूद कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। गैस कंपनी, पथ निर्माण विभाग और निर्माण एजेंसी के बीच जिम्मेदारी और समन्वय की भी पड़ताल जरूरी है, ताकि लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई हो सके और भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।



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