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जयनगर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने गुरुवार को केंद्र सरकार की नीतियों, महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और स्थानीय जनसमस्याओं के विरोध में एक पदयात्रा निकाली। यह राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा थी। अंचल मंत्री रामनारायण बनरैत के नेतृत्व में निकले इस मार्च में कार्यकर्ताओं ने बैनर और पोस्टर के साथ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दिल्ली के रामलीला मैदान में कार्यक्रम उन्होंने 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने का आह्वान किया। पदयात्रा जयनगर स्थित पार्टी कार्यालय परिसर से शुरू हुई और शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए वापस कार्यालय पर समाप्त हुई। आंदोलन करने वालों की आवाज दबाने का प्रयास इसके बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और जनविरोधी नीतियों से किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने वालों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। वक्ताओं ने प्रमुखता से सात सूत्री मांगें रखीं। इनमें शिक्षा का राष्ट्रीयकरण, सभी के लिए समान शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और परीक्षा में धांधली पर रोक, भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शामिल थी। इसके अतिरिक्त, जयनगर के सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार समाप्त करने, भूमिहीनों को अविलंब बासगीत पर्चा उपलब्ध कराने तथा दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की भी मांग की गई। गांव-गांव जाकर अभियान चलाएं सभा में कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर अभियान चलाने और 1 सितंबर को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई। इस कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य सत्यनारायण यादव, रामसुंदर मुखिया, रामआधार ठाकुर, महेश यादव, वकील बैठा, शिलानाथ, दिनेश प्रसाद रमण, रामसेवक दास, संतोष सहनी सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।
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भाकपा की केंद्र सरकार के खिलाफ पदयात्रा:1 सितंबर को दिल्ली चलो का आह्वान, महंगाई-बेरोजगारी को लेकर हल्लाबोल
