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पंजाब कांग्रेस की लुधियाना मीटिंग में हंगामा:बैंस के इशारे से आशू समर्थक भड़के, 'बघेल गो बैक' की टीशर्ट लहराई; वड़िंग बोले- RSS के चमचे




पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग के अपने ही लोकसभा क्षेत्र लुधियाना में रखे प्रोग्राम में हंगामा हो गया। कुछ कांग्रेस समर्थक यहां AICC के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के जनरल डायर की फोटो व उस पर ‘बघेल गो बैक’ के नारे वाली टी-शर्ट पहनकर पहुंच गए। इस दौरान मंच से पूर्व MLA सिमरजीत बैंस ने चूड़ियां डालने का इशारा किया। यह देखकर पूर्व मंत्री के समर्थक भड़क गए। उन्होंने भी नारेबाजी शुरू कर दी। खास बात ये है कि इस बार पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी को हाईकमान की फटकार के बाद उनके नहीं बल्कि यहां उनके करीबी व पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू के समर्थन में जमकर नारेबाजी हुई। आशू समर्थकों का आरोप है कि राजा वड़िंग ने इशारे करके उन्हें उकसाया। वहीं, वड़िंग ने उन्हें RSS के चमचे बताकर नारेबाजी करते हुए बाहर जाने के लिए कहा। उन्होंने आशू पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो पूरी कांग्रेस को लुधियाना में जेब में लेकर चलते थे, उन्होंने छह की छह सीटें हरा दी। वही मेयर लगाते थे, वही चेयरमैन लगाते थे। उन्होंने बताया कि आज की पूरी रिपोर्ट हाईकमान को भेजी जाएगी। कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद, 3 पॉइंट में पढ़िए… पंजाब कांग्रेस में ऐसे हालात क्यों?
पूर्व CM चरणजीत चन्नी व उनके करीबी चाहते थे कि 2027 के चुनाव से पहले अमरिंदर राजा वड़िंग को प्रधान पद से हटाया जाए, लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने इससे इनकार कर दिया। जिसके बाद से ही दोनों के बीच नेतृत्व को लेकर खींचतान-गुटबाजी चल रही है। चन्नी समर्थक चाहते हैं कि पार्टी में उनकी भूमिका और प्रभाव बढ़े, जबकि मौजूदा प्रदेश नेतृत्व राजा वड़िंग के हाथ में है। इस मुद्दे पर दोनों खेमों के समर्थकों के बीच सार्वजनिक नारेबाजी और विरोध हो रहा है। कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने इनडायरेक्टली पार्टी के भीतर “स्लीपर सेल” और अनुशासनहीनता के खिलाफ चेतावनी दी है। उनका कहना है कि पार्टी को अंदर से कमजोर करने वालों पर कार्रवाई हो सकती है। इस पूरे विवाद की वजह ये है कि चन्नी चाहते हैं कि वह अगले चुनाव का सीएम चेहरा हों। वहीं राजा वड़िंग का कहना है कि 2022 में हार के बाद उन्होंने पार्टी को संभाला, ऐसे में अगुआई उनके हाथ में होनी चाहिए। इस विवाद से जुड़ी 2 बड़ी बातें कांग्रेस की मीटिगों में दोनों गुटों में क्या-क्या हुआ, जानिए… समाना-बरनाला में कांग्रेस के कार्यक्रम में हंगामा
कांग्रेस के ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ अभियान के तहत सबसे पहले समाना और बरनाला में आयोजित बैठकों के दौरान जबरदस्त हंगामा हुआ। प्रभारी भूपेश बघेल और राजा वडिंग की मौजूदगी में चन्नी समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। संगरूर में स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई और कुर्सियां चलने तक की नौबत आ गई। वड़िंग के बार-बार मना करने के बावजूद कार्यकर्ताओं ने ‘चन्नी जिंदाबाद’ के नारे लगाए। मुक्तसर में वड़िंग समर्थकों पर मारपीट का आरोप
बघेल के श्री मुक्तसर साहिब दौरे से पहले पार्टी की गुटबाजी सड़कों पर आ गई। चन्नी के समर्थक और राजा वड़िंग विरोधी गुट द्वारा लगाए जा रहे पोस्टरों और फ्लेक्स को लेकर हंगामा हुआ। चन्नी समर्थकों ने वड़िंग के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया है कि फ्लेक्स लगाने के दौरान उन्होंने गुंडागर्दी की। विरोध करने पर 10-12 लोगों ने उनके ड्राइवर की डंडों से पिटाई कर दी, कांग्रेसी पार्षद के साथ धक्का-मुक्की की और फ्लेक्स से भरा वाहन छीनकर ले गए। बठिंडा में चन्नी समर्थकों की नारेबाजी
बठिंडा में जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ और राजा वड़िंग व भूपेश बघेल पहुंचे तो उनके समर्थन में नारेबाजी होने लगी। इसी बीच चन्नी समर्थक कार्यक्रम में पहुंचे और उन्होंने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। इस दौरान कार्यक्रम में हंगामा हुआ, जहां वड़िंग ने खुद एक विरोध कर रहे चन्नी समर्थक कार्यकर्ता को मंच पर बुलाया और सार्वजनिक रूप से चन्नी को फोन लगवाया। चन्नी ने फोन नहीं उठाया। फिरोजपुर में घुबाया व चन्नी समर्थकों ने किया हंगामा
फिरोजपुर में भी कांग्रेस की बैठक में खूब हंगामा हुआ। सांसद शेर सिंह घुबाया व चरणजीत चन्नी के समर्थक कार्यक्रम में पहुंचे तो उन्हें एंट्री नहीं मिली। पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। चन्नी समर्थकों ने नारेबाजी की और उसके बाद जिला प्रधान ने उन्हें अंदर आने दिया। बाद में जैसे ही वड़िंग व बघेल वहां पहुंचे तो चन्नी के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में चन्नी समर्थकों को जबरन कार्यक्रम से बाहर किया गया। कांग्रेस के बवाल से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



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