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मोतिहारी के नगर थाना क्षेत्र के बेलीसराय से गिरफ्तार पंकज गुप्ता और राजू कुशवाह ने पूछताछ में बताया कि वे व्हाट्सऐप के जरिए पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ी जानकारी दी। पैसों का लालच देकर नेटवर्क में किया शामिल आरोपियों ने बताया कि उनके आकाओं के इशारे पर स्थानीय युवकों को पैसों का लालच देकर नेटवर्क में शामिल किया जाता था। युवकों के व्हाट्सऐप नंबर पाकिस्तान में बैठे आकाओं को दिए जाते थे। आरोपियों के मुताबिक, पाकिस्तानी हैंडलर ओटीपी के जरिए संबंधित व्हाट्सऐप अकाउंट का एक्सेस हासिल करते थे। फिर उसी नंबर से लोगों को मैसेज भेजकर ठगी की जाती थी। मौके से आई तस्वीरें… आकाओं तक पहुंचाई जाती थी रकम ठगी से मिली रकम अलग-अलग बैंक खातों के जरिए पाकिस्तान में बैठे आकाओं तक पहुंचाई जाती थी। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क में स्थानीय युवकों का इस्तेमाल किया जाता था। 50 लाख रुपए के लेन-देन का खुलासा दरअसल, साइबर ठगी की रकम पाकिस्तान से जुड़े मोबाइल नंबरों पर भेजने के मामले में अब तक 50 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन का प्रारंभिक खुलासा हुआ है। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान 11 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। जांच में मोतिहारी में ही 8 से 10 लोगों की संलिप्तता सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस को सूचना मिली थी कि नगर थाना क्षेत्र के बेलीसराय स्थित किराए के मकान में कुछ लोग साइबर ठगी की रकम का लेन-देन कर रहे हैं। एसपी स्वर्ण प्रभात ने सदर डीएसपी दिलीप कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम ने ठिकाने पर छापेमारी कर पंकज गुप्ता समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया। मौके से 11 एटीएम कार्ड बरामद किए गए। कमीशन पर बैंक खाते जुटाता था आरोपी पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पंकज गुप्ता ने कमीशन लेकर गिरोह के लिए बैंक खाते जुटाने की बात बताई। खाताधारकों को 4 प्रतिशत और पंकज को भी 4 प्रतिशत कमीशन मिलता था। साइबर ठगी से हासिल रकम अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद पाकिस्तान में बैठे व्यक्ति के बताए मोबाइल नंबरों पर ट्रांसफर की जाती थी।
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मोतिहारी में साइबर ठगी के आरोप में 2 गिरफ्तार:पूछताछ में बताया- व्हाट्सऐप नंबर और ओटीपी से पाकिस्तान में बैठे हैंडलर चलाते थे नेटवर्क
