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दीपावली और छठ महापर्व को लेकर अग्निशमन विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। त्योहार के दौरान आग लगने की संभावित घटनाओं से निपटने के लिए जिले में 110 अग्निशमन कर्मियों को अलर्ट मोड में रखा गया है। वहीं, छोटी-बड़ी कुल 21 अग्निशमन गाड़ियों को पूरी तरह कार्यशील स्थिति में तैयार रखा गया है। इनमें 16 छोटी और पांच बड़ी गाड़ियां शामिल हैं। इसके अलावा हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म से लैस विशेष वाहन भी उपलब्ध है, जिसकी मदद से ऊंची इमारतों में आग बुझाने और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा सकता है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रिया कुमारी ने बताया कि जिले में 13 संवेदनशील स्थानों को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। इन सभी जगहों पर दमकल गाड़ियों की प्री-पोजिशनिंग की जाएगी, ताकि आग लगने की सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंच सके। अन्य इलाकों में अग्निशमन कर्मियों की ओर से लगातार गश्ती की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त गाड़ियों और कर्मियों को भी तत्काल रवाना किया जाएगा। विभाग ने पुलिस और सामान्य प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा की तैयारी की है। प्रिया कुमार बोलीं- सभी 21 गाड़ियों में सभी उपकरण को चेक कर लिया गया है प्रिया कुमारी ने बताया कि सभी 21 अग्निशमन वाहन और उनमें उपलब्ध उपकरण कार्यशील हैं। किसी बड़ी अगलगी की घटना में हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म से लैस वाहन भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी मदद से करीब 52 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचकर आग बुझाने और लोगों को सुरक्षित निकालने का काम किया जा सकता है। 63 पटाखा दुकानों का निरीक्षण, 25 को एनओसी प्रिया कुमारी ने बताया कि पटाखों की दुकानों को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिले में 63 पटाखा दुकानों को चिह्नित कर अग्निशमन विभाग की टीम ने निरीक्षण किया है। दुकानदारों और आसपास के लोगों को मॉक ड्रिल के माध्यम से आग से बचाव और अग्निशमन उपकरणों के इस्तेमाल की जानकारी दी गई है। दुकानदारों से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर स्वघोषणा पत्र भी भरवाया गया है। उन्होंने बताया कि 25 दुकानों को एनओसी दी गई है। कुछ दुकानदारों के लाइसेंस की प्रक्रिया अभी चल रही है। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने या लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर दुकान सील कराने की कार्रवाई की जा सकती है। छोटी आग बुझाने में सावधानी बरतें, 101 या 112 पर दें सूचना अग्निशमन पदाधिकारी ने आम लोगों से अपील की कि दीपावली के दौरान पटाखे हमेशा खुले और सुरक्षित स्थान पर जलाएं। बच्चों को पटाखे जलाते समय अकेला नहीं छोड़ें, बल्कि बड़े उनकी निगरानी करें। रॉकेट या अन्य पटाखों का मुंह किसी घर, आवास या व्यक्ति की ओर नहीं होना चाहिए। घरों और दुकानों में बिजली की सजावट करते समय भी सुरक्षित वायरिंग और उचित व्यवस्था का ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि छोटी आग होने पर यदि सुरक्षित तरीके से बुझाना संभव हो तभी प्रयास करें, अन्यथा जोखिम न उठाएं और तत्काल 101 या 112 नंबर पर सूचना दें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही बड़ी घटना का कारण बन सकती है। इसलिए सभी लोग सतर्कता बरतते हुए सुरक्षित तरीके से दीपावली मनाएं। डीएमसीएच में 12 बेड का बर्न वार्ड तैयार दीपावली के दौरान अगलगी की घटनाओं में झुलसने वाले लोगों के इलाज को लेकर डीएमसीएच प्रशासन ने भी तैयारी की है। डीएमसीएच के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 12 बेड का बर्न वार्ड तैयार रखा गया है। यहां आग से झुलसकर आने वाले मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। अग्निशमन विभाग की तैयारियों के साथ स्वास्थ्य विभाग ने भी आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था की है।
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दरभंगा में 13 संवेदनशील स्थानों पर रहेगी दमकल की प्री-पोजिशनिंग:दीपावली को लेकर अग्निशमन विभाग अलर्ट, 110 कर्मियों की तैनाती; 21 छोटी-बड़ी गाड़ियां तैयार
