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दिवाली की रोशनी के बीच पटाखों से होने वाली आगजनी, झुलसने और अन्य हादसों से निपटने के लिए गया में आपात व्यवस्था तैयार की गई है। संकरी गलियों से लेकर भीड़भाड़ वाले बाजारों तक आग बुझाने के इंतजाम किए गए हैं। वहीं, पटाखों से झुलसने वाले मरीजों के इलाज के लिए मगध मेडिकल में 40 बेड सुरक्षित रखे गए हैं। जिले की 96 एंबुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अग्निशमन विभाग ने 21 संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर दमकल वाहनों की तैनाती का दावा किया है। स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा बनाए रखने की तैयारी की है। संकरी गलियों में जाएगी फायर बाइक टीम दिवाली के दौरान आग लगने की घटनाओं में सबसे बड़ी चुनौती घनी आबादी वाले इलाकों तक दमकल वाहनों को पहुंचाने की होती है। इसे देखते हुए गया शहर में दो विशेष फायर बाइक तैनात की गई हैं। प्रत्येक बाइक पर दो प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मी रहेंगे। इन पर 10 से 12 लीटर क्षमता वाले अग्निशमन उपकरण उपलब्ध होंगे। संकरी गलियों में आग लगने पर फायर बाइक पहले पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश करेंगी। जरूरत पड़ने पर बड़ी दमकल गाड़ियों को मौके पर बुलाया जाएगा। 21 संवेदनशील स्थानों पर दमकल, छह अस्थायी कंट्रोल रूम जिला अग्निशमन विभाग ने आग लगने की आशंका वाले 21 स्थानों को तीन श्रेणियों में बांटा है। इनमें 10 स्थान सबसे अधिक संवेदनशील, छह मध्यम और पांच अन्य संवेदनशील श्रेणी में हैं। जिले में कुल 33 अग्निशमन वाहन उपलब्ध बताए गए हैं। बोधगया और शेरघाटी में भी दमकल वाहनों की तैनाती की गई है। मगध मेडिकल में 40 बेड सुरक्षित, 96 एंबुलेंस अलर्ट पटाखों से झुलसने, आंखों में चोट और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारी की है। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल (ANMMCH) में 40 बेड सुरक्षित रखे गए हैं। इनमें बर्न आईसीयू और प्री-फैब्रिकेटेड वार्ड की व्यवस्था शामिल है। अस्पताल में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और जलने से संबंधित जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी है। जिले में उपलब्ध 96 एंबुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है। इनमें 69 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 27 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस शामिल हैं। दुर्घटना में घायल मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाएगा। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी झुलसे मरीजों के इलाज के लिए दो-दो बेड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है। डॉक्टरों की छुट्टी पर रोक, इमरजेंसी सेवा रहेगी चालू सिविल सर्जन राजा राम के मुताबिक दिवाली के दौरान अस्पतालों में मरीजों की परेशानी नहीं बढ़े इसके लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने 6 से 17 नवंबर तक सामान्य अवकाश पर रोक लगाई है। सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा उपलब्ध रखने का निर्देश है।
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गयाजी- दीपावली पर 21 जगह फायर ब्रिगेड की रहेगी तैनाती:मगध मेडिकल कॉलेज में 40 बेड रखे गए सुरक्षित, अलर्ट मोड पर 96 एंबुलेंस रहेगी तैनात
