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गयाजी- गांव के प्रवेश-द्वार पर नाम को लेकर विवाद:मारपीट में बुजुर्ग का सिर फूटा, बचाने गए भाई-भतीजे को भी पीटा; पुलिस पर अनदेखी का आरोप




गांव के गांव के मुख्य द्वार पर नाम लिखवाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मारपीट तक पहुंच गया। गया के वजीरगंज थाना क्षेत्र के बैरिया गांव में शनिवार की देर शाम 85 साल के बुजुर्ग पर एक पक्ष ने हमला बोल दिया। बजुर्ग को दूसरे पक्ष ने लाठी डंडे से पीट पीट कर लहूलुहान कर दिया। आरोप है कि गांव के पास टहल रहे बुजुर्ग पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। उन्हें बचाने पहुंचे 70 वर्षीय छोटे भाई और 48 वर्षीय भतीजे को भी पीटकर घायल कर दिया गया। खास बात यह भी कि इससे पहले सुबह भी तीन युवकों को रास्ते में घेरकर पीटा गया था। एक ही दिन में दो बार हुई हिंसक झड़प ने गांव में दहशत फैला दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुराने विवाद पर पुलिस ने समय रहते सख्ती दिखाई होती तो शायद यह नौबत नहीं आती। टहलने निकले बुजुर्ग पर लाठी-डंडों से हमला पीड़ितों के अनुसार, शनिवार देर शाम राजेंद्र सिंह गांव के पास टहल रहे थे। इसी दौरान लखउआं गांव के कुछ लोगों ने कथित तौर पर उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग के सिर में गंभीर चोट आई। उनका बायां हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया, जबकि दाहिने हाथ में भी गंभीर चोट लगी है। शोर सुनकर उन्हें बचाने पहुंचे छोटे भाई देवेंद्र सिंह (70) और भतीजे प्रमोद कुमार सिंह (48) को भी हमलावरों ने नहीं बख्शा। दोनों की भी पिटाई कर दी गई। दोनों जख्मी हैं। सुबह रास्ते में घेरकर तीन युवकों को पीटा यह शनिवार की पहली घटना नहीं थी। शनिवार सुबह भी रास्ते में घेरकर युवकों के साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई थी। इसमें प्रिंस कुमार (26), विकास कुमार (28) और अंकित कुमार (22) घायल हो गए थे। एक ही दिन में छह लोगों के घायल होने की घटना से डरे सहमे हैं। मुख्य द्वार पर नाम लिखवाने से शुरू हुआ विवाद ग्रामीणों के मुताबिक, विवाद की जड़ बोधगया-राजगीर मुख्य पथ पर बैरिया के पास बने अंतरराष्ट्रीय पर्यटक पथ के मुख्य द्वार को लेकर है। आरोप है कि लखउआं गांव के मुखिया मुरारी यादव ने कथित तौर पर अनधिकृत तरीके से द्वार का निर्माण कराया और उस पर अपना नाम लिखवा दिया। इसी बात को लेकर पिछले महीने से दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। बताया जाता है कि इस मामले में पहले भी दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुराने विवाद को लेकर मुखिया के समर्थकों ने सुनियोजित तरीके से मारपीट की घटना को अंजाम दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने विवाद को गंभीरता से नहीं लिया। समय रहते कार्रवाई होती तो असामाजिक तत्वों का मन नहीं बढ़ता। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच के साथ संबंधित पुलिस पदाधिकारी के व्यवहार की भी जांच कराने की मांग की है। सभी घायलों को उनके परिजन इलाज के लिए वजीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे। ग्रामीणों ने आरोपितों पर सख्त कार्रवाई और गांव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।



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