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शेखपुरा में बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात का असर दिखने लगा है। बुधवार दोपहर बाद जिले में अचानक बारिश शुरू हुई, जो गुरुवार को भी रुक-रुककर होती रही। मौसम में बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार चक्रवाती सिस्टम का असर 27 सितंबर तक रहने की संभावना है। इस दौरान जिले में अच्छी बारिश हो सकती है। देखें, मौके से आई मौसम की तस्वीरें… 36 डिग्री तक पहुंच रहा था तापमान, अब 29 डिग्री बारिश के बाद जिले के तापमान में करीब 4 से 7 डिग्री तक की गिरावट आई है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले तापमान 33 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। बारिश के कारण मौसम सुहाना होने से लोगों को भी गर्मी से राहत मिली है। धान के मुरझाते पौधों को मिली संजीवनी दो दिनों से हो रही बारिश से किसानों के चेहरे पर खुशी है। बारिश के अभाव में धान के पौधे मुरझाकर पीले पड़ने लगे थे। खेतों में नमी आने से किसानों को फसल बचने की उम्मीद जगी है। आने वाले दिनों में अच्छी बारिश हुई तो धान की फसल को इसका सीधा फायदा मिल सकता है। जिले के बड़े हिस्से में सूखे का खतरा बारिश की कमी के कारण शेखपुरा के कई इलाकों में अब तक सूखे जैसे हालात बने हुए थे। जिले की नदियां, तालाब और पोखर भी पर्याप्त बारिश के अभाव में खाली हैं। सभी प्रखंडों में धान की फसल को पानी की जरूरत है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हरोहर नदी ने पहले ही मचाई थी तबाही घाटकुसुंभा प्रखंड में स्थिति कुछ अलग रही। यहां गंगा की सहायक हरोहर नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण करीब 15 दिनों से अधिक समय तक कई लोग अपने घरों में फंसे रहे। बाढ़ के पानी के कारण हजारों एकड़ में लगी धान और मक्का की फसलें सड़कर बर्बाद हो गईं। कहीं पानी की कमी, कहीं नदी के उफान से नुकसान शेखपुरा में इस बार मौसम ने किसानों के सामने दोहरी चुनौती खड़ी की है। जिले के बड़े हिस्से में बारिश की कमी से धान की फसल सूखने की स्थिति में पहुंच गई, जबकि घाटकुसुंभा क्षेत्र में हरोहर नदी का जलस्तर बढ़ने से खेतों में लगी फसलें बर्बाद हो गईं। अब चक्रवात के कारण होने वाली बारिश से किसानों को राहत की उम्मीद है।
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शेखपुरा में चक्रवात का असर, 2 दिनों से रुक-रुककर बारिश:किसान बोले-'धान के लिए फायदेमंद', अधिकतम तापमान 29 डिग्री पहुंचा
