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सीवान में PM विश्वकर्मा लाभार्थियों को मार्केटिंग-ब्रांडिंग की जानकारी:प्रोडक्ट्स की बिक्री बढ़ाने और ब्रांड बनाने के तरीके बताए गए




सीवान के हुसैनगंज प्रखंड में बुधवार को पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए विपणन एवं ब्रांडिंग पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एमएसएमई-विकास एवं सुविधा कार्यालय, मुजफ्फरपुर की ओर से किया गया। इसमें करीब 90 से 100 पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों सहित अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने, ब्रांड तैयार करने और बाजार तक सीधी पहुंच बनाने के लिए आधुनिक तरीकों की जानकारी देना था। कार्यक्रम का उद्घाटन हुसैनगंज के बीडीओ राहुल कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम स्थानीय कारीगरों को अपने उत्पादों की पहचान बनाने और उनके प्रचार-प्रसार में मददगार साबित होंगे। बिक्री बढ़ाने के तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा उन्होंने लाभार्थियों से सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने कारोबार को आगे बढ़ाने की अपील की। एमएसएमई-विकास एवं सुविधा कार्यालय, मुजफ्फरपुर के सहायक निदेशक अतुल कुमार मिश्रा ने पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों को उद्यम पंजीकरण, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM),जेड प्रमाणन,खरीद एवं विपणन सहायता, व्यापार मेलों, बार कोड और सार्वजनिक खरीद नीति समेत कई महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग और लेबलिंग, उचित कीमत तय करने, ब्रांड तैयार करने तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक्री बढ़ाने के तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की। जिला उद्योग केंद्र, मुजफ्फरपुर के महाप्रबंधक विवेक कुमार ने बिहार सरकार की औद्योगिक नीति और मुख्यमंत्री उद्यमी योजना की जानकारी दी। ब्रांडिंग पर हुआ टेक्निकल सेशन उन्होंने नए उद्यमियों और पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों से सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपना कारोबार शुरू करने और उसका विस्तार करने की अपील की। वहीं,नाबार्ड सीवान की डीडीएम शशांक शेखर ने उद्यमियों के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता और नाबार्ड की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। राज्य स्तरीय परियोजना निगरानी इकाई, पटना के रविकांत भारती ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विपणन और ब्रांडिंग पर तकनीकी सत्र लिया। उन्होंने डिजिटल माध्यमों से उत्पादों का प्रचार करने, ग्राहकों तक पहुंच बनाने और बिक्री बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके बताए। कार्यक्रम स्थल पर लाभार्थियों के लिए क्यूआर कोड बनाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की ओर से डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए लाभार्थियों को क्यूआर कोड बनाने में सहायता दी गई।



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