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गयाजी रेलवे स्टेशन पर 22 लाख की अफीम जब्त:झारखंड का तस्कर गिरफ्तार, गिरोह में शामिल सदस्यों की तलाश जारी; 'ऑपरेशन नारकोश' के तहत कार्रवाई




गयाजी में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन नारकोश’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। रेलवे स्टेशन पर संयुक्त छापेमारी के दौरान 4.415 किलोग्राम अफीम के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। बरामद अफीम की अनुमानित कीमत 22 लाख 7 हजार 500 रुपए बताई गई है। आरपीएफ थानाअध्यक्ष बनारसी यादव ने बताया कि रेलवे स्टेशन परिसर में बुधवार संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 के हावड़ा एंड फुटओवर ब्रिज के नीचे एक युवक संदिग्ध अवस्था में दिखा। टीम ने उसे रोककर पूछताछ की। तलाशी लेने पर उसके पास से 4.415 किलोग्राम अफीम बरामद हुई। वह इस खेप को कहीं ले जाने की फिराक में था। झारखंड का रहने वाला है आरोपी गिरफ्तार आरोपी की पहचान राज मोहन(26) के रूप में हुई है, जो झारखंड के चतरा जिले के ग्राम बेलगढ़ा का निवासी है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस उसके नेटवर्क और अफीम की खरीद-बिक्री से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। यह कार्रवाई आरपीएफ पोस्ट गयाजी के सहायक उप निरीक्षक पवन कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम ने आरोपी को दबोचा अभियान में आरपीएफ के आरक्षी राकेश कुमार सिंह, विकास कुमार, अरुण कुमार सिंह, निरंजन कुमार और रौशन कुमार शामिल थे। इनके अलावा, सीआईबी गयाजी के आरक्षी नवीन पांडेय, सीपीडीएस के उप निरीक्षक मुकेश कुमार, राजकीय रेल पुलिस की उप निरीक्षक लक्ष्मी देवी और कांस्टेबल रुची कुमारी ने भी सहयोग किया। सभी अधिकारियों ने समन्वित तरीके से अभियान चलाकर आरोपी को दबोच लिया। घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट गयाजी के वरिष्ठ अधिकारी संजय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उनकी उपस्थिति में बरामद मादक पदार्थ की जब्ती, आरोपी की गिरफ्तारी और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गई। आरोपी को जीआरपी के हवाले किया जब्त अफीम और गिरफ्तार आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए राजकीय रेल थाना (जीआरपी) के हवाले कर दिया गया है। आरपीएफ की ओर से दिए गए शिकायत पत्र के आधार पर जीआरपी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। संभावना जताई जा रही है कि आरोपी किसी बड़े गिरोह के लिए काम कर रहा था और रेलवे मार्ग का उपयोग कर मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही थी।



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