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मधेपुर प्रखंड में पीएम श्री योजना के तहत विद्यालयों के समायोजन के विभागीय आदेश के विरोध में सोमवार को एक विद्यालय में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। अभिभावकों और स्कूली बच्चों ने विद्यालय के मुख्य गेट के पास टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। इस प्रदर्शन के कारण कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई पूरी तरह बाधित रही। 8 शिक्षक कार्यरत,456 छात्र-छात्राएं नॉमिनेटेड विद्यालय के प्रधानाध्यापक बिमल कुमार यादव ने बताया कि उनके विद्यालय में आठ शिक्षक कार्यरत हैं और कुल 456 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। अभिभावकों की मुख्य मांग है कि विद्यालय का समायोजन पहले की तरह मटरस विद्यालय से ही रखा जाए। विभाग द्वारा कलिकापुर से पौनी विद्यालय को जोड़ने के आदेश से स्थानीय लोग नाराज हैं। धरने में कक्षा एक से पांच तक के बच्चे, कक्षा सात के कुछ छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक शामिल थे। सभी ने विद्यालय गेट के पास बैठकर विभागीय निर्णय का विरोध किया और समायोजन आदेश वापस लेने की मांग की। विद्यालय समायोजन गाइडलाइन के अनुसार सूचना मिलने पर प्रखंड शिक्षा प्रभारी राजीव रंजन विद्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। शिक्षा प्रभारी ने स्पष्ट किया कि विद्यालय समायोजन सरकार की गाइडलाइन के अनुसार किया जा रहा है और स्थानीय स्तर पर इसमें बदलाव संभव नहीं है। शिक्षा प्रभारी के आश्वासन के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। धरने के कारण सोमवार को विद्यालय में पठन-पाठन नहीं हो सका। प्रधानाध्यापक ने कहा कि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विभागीय स्तर पर आगे भी बातचीत की जाएगी। फिलहाल, विद्यालय समायोजन को लेकर अभिभावकों और शिक्षा विभाग के बीच गतिरोध बना हुआ है।
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मधेपुर में विद्यालय समायोजन के खिलाफ पेरेंट्स का धरना:सरकारी आदेश के विरोध में प्रदर्शन,पढाई-लिखाई ठप
