26 मिनट पहले
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वृषभ और तुला राशि का स्वामी शुक्र इस समय वक्री है और वक्री रहते हुए 5 नवंबर को तुला से कन्या में प्रवेश करेगा। कुछ पंचांग में शुक्र के राशि परिवर्तन की तारीख 6 बताई गई है। कन्या राशि में 14 नवंबर को शुक्र मार्गी हो जाएगा। वक्री यानी पीछे की ओर चलना और मार्गी यानी आगे की ओर चलना। मार्गी होने के बाद 23 नवंबर को पुनः शुक्र तुला में आ जाएगा।
ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को सुख-समृद्धि, सौंदर्य, प्रेम, कला, कामुकता और भौतिक सुविधाओं का कारक माना जाता है। यह नवग्रहों में सबसे चमकदार ग्रह हैं। शुक्र को दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य के रूप में भी जाना जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा से जानिए आपके लिए शुक्र की स्थिति कैसी रह सकती है…
मेष राशि
5 नवंबर को वक्री शुक्र छठे भाव (कन्या) में प्रवेश करेगा और 14 नवंबर को मार्गी होने के बाद 23 नवंबर को सातवें भाव (तुला) में लौट आएगा। इस दौरान कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने में थोड़ी सावधानी बरतें और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। वैवाहिक जीवन में पुराने मतभेद उभर सकते हैं, इसलिए संवाद स्पष्ट रखें। 23 नवंबर के बाद स्थितियां काफी अनुकूल होंगी और रिश्तों में मधुरता आएगी।
क्या करें : हर शुक्रवार कन्याओं को सफेद मिठाई खिलाएं। ऊँ शुक्राय नमः मंत्र का जप करें।
वृषभ राशि
शुक्र का गोचर पांचवें भाव से शुरू होकर छठे भाव की ओर बढ़ेगा। 5 से 14 नवंबर के बीच विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने के लिए अधिक प्रयास करने होंगे। प्रेम संबंध में गलतफहमियां दूर करने का यह सही समय है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी में निर्णय न लें। 14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी।
क्या करें : मां लक्ष्मी की पूजा करें और देवी को सफेद फूल अर्पित करें।
मिथुन राशि
शुक्र चौथे भाव में वक्री रहेगा, जिससे पारिवारिक सुख-सुविधाओं और घरेलू माहौल में थोड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और वाहन या संपत्ति से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला सोच-विचार कर ही लें। मार्गी होने के बाद और 23 नवंबर को पांचवें भाव में शुक्र का गोचर होने से शुभ परिणाम मिल सकते हैं।
क्या करें : चावल का दान करें।
कर्क राशि
तीसरे भाव में वक्री शुक्र के रहने से भाई-बहनों और मित्रों से विवाद हो सकता है, संवाद में स्पष्टता बनाए रखना जरूरी है। अपनी संवाद शैली में विनम्रता रखें, अन्यथा बेवजह गलतफहमी हो सकती है। 14 नवंबर के बाद आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और रुकी हुई योजनाएं गति पकड़ेंगी। 23 नवंबर के बाद चौथे भाव का शुक्र सुखद वातावरण बनाएगा।
क्या करें : छोटी कन्याओं के पैर छूकर नए काम की शुरुआत करें और शुक्रवार को दही का दान करें।
सिंह राशि
दूसरे भाव में वक्री शुक्र आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है। 5 से 14 नवंबर के बीच अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें और वाणी में मधुरता बनाए रखें। परिवार में तनाव न पैदा होने दें। 14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद धन संचय के नए अवसर मिलेंगे और 23 नवंबर के बाद साहस व पराक्रम में वृद्धि होगी।
क्या करें : शुक्रवार को गाय को हरी घास और ज्वार खिलाएं।
कन्या राशि
वक्री शुक्र इसी राशि में रहेगा। इस दौरान अपने व्यक्तित्व, स्वभाव और सेहत पर ध्यान दें। मानसिक भटकाव या असमंजस की स्थिति बन सकती है, इसलिए महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें। 14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने पर निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होगा। 23 नवंबर के बाद दूसरे भाव में शुक्र का आगमन धन लाभ और पारिवारिक सुख दिलाएगा।
क्या करें : श्री सूक्त का पाठ करें और देवी लक्ष्मी को इत्र (परफ्यूम) अर्पित करें।
तुला राशि
इस राशि का स्वामी शुक्र 12वें भाव में वक्री रहेगा। इस समय में अप्रत्याशित खर्चे बढ़ सकते हैं। विदेश या दूर की यात्राओं से जुड़े कार्यों में थोड़ी देरी हो सकती है। 14 नवंबर तक बजट का ध्यान रखें और अपनी दिनचर्या संतुलित रखें। 23 नवंबर को जब शुक्र पुनः तुला राशि में लौटेगा, तब आत्मविश्वास, सुख-सुविधाएं और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
क्या करें : शुक्रवार को मंदिर में कर्पूर और मिश्री का दान करें।
वृश्चिक राशि
11वें भाव में वक्री शुक्र के रहने से कमाई में थोड़ा विलंब या रुकावट महसूस हो सकती है। दोस्तों या वरिष्ठों के साथ किसी बात पर मतभेद हो सकता है। 14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद लाभ के नए मार्ग खुलेंगे और अटके हुए कार्य पूरे होंगे। 23 नवंबर को 12वें भाव में शुक्र के प्रवेश के बाद सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ेगा।
क्या करें : सफेद वस्त्र दान करें।
धनु राशि
10वें भावमें वक्री शुक्र के होने से कार्यक्षेत्र में थोड़ी अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी। सहयोगियों के साथ संबंध में धैर्य बनाए रखें और काम में लापरवाही से बचें। 14 नवंबर के बाद करियर में स्थिरता आएगी और वरिष्ठों का सहयोग मिलने लगेगा। 23 नवंबर के बाद 11वें भाव में शुक्र का गोचर होने से लाभ बढ़ सकता है।
क्या करें : शुक्रवार को लक्ष्मी नारायण मंदिर में खीर का भोग लगाएं।
मकर राशि
नौवें भाव में वक्री शुक्र के कारण भाग्य का साथ मिलने में थोड़ी देर लगेगी। धर्म-कर्म में मन लगाएं और लंबी दूरी की यात्राओं में सावधानी रखें। 14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद स्थितियां आपके पक्ष में आने लगेंगी और शिक्षा या करियर से जुड़े प्रयास सफल होंगे। 23 नवंबर को 10वें भाव में शुक्र का गोचर होने से लाभ हो सकता है।
क्या करें : किसी मंदिर में दूध से बनी मिठाई का प्रसाद बांटें।
कुंभ राशि
आठवें भाव में वक्री शुक्र स्वास्थ्य से जुड़े खर्चों में बढ़ोतरी कर सकता है। ससुराल पक्ष के साथ संबंधों में नरमी रखें और वित्तीय लेन-देन में सतर्कता बरतें। 14 नवंबर को मार्गी होने के बाद परिस्थितियां अनुकूल होने लगेंगी। 23 नवंबर को नौवें भाव में शुक्र के प्रवेश करते ही भाग्य का सहयोग मिलेगा और धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे।
क्या करें : दुर्गा चालीसा का पाठ करें और शुक्रवार को चींटियों को आटा-चीनी डालें।
मीन राशि
सातवें भाव में वक्री शुक्र व्यापारिक साझेदारों और जीवनसाथी के साथ बातचीत में संयम रखने की सलाह दे रहा है। 5 से 14 नवंबर के बीच नए व्यावसायिक समझौतों पर हस्ताक्षर करने में जल्दबाजी न करें। 14 नवंबर के बाद वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बढ़ेगा और व्यापार में सुधार होगा। 23 नवंबर के बाद आठवें भाव में शुक्र के जाने से गुप्त धन या शोध से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है।
क्या करें : शुक्रवार को किसी दृष्टिहीन व्यक्ति को भोजन कराएं।

