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गोपालगंज में नेपाल के तराई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। वाल्मीकिनगर बराज से अचानक 4.16 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किए जाने के बाद जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। निचले इलाकों में माइकिंग, लोगों से सुरक्षित जगह जाने की अपील तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन अभियान चला रहा है। सदर एसडीएम डॉ. प्रेरणा सिंह और सदर सीओ रजत कुमार बरनवाल मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। गंडक नदी के निचले और कैचमेंट इलाकों में लाउडस्पीकर से लगातार माइकिंग कराई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पानी का बहाव तेज होने से पहले घर छोड़कर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में चले जाएं। ग्रामीणों से अपने मवेशियों को भी सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर ले जाने को कहा गया है। सारण तटबंध समेत संवेदनशील बांधों पर 24 घंटे निगरानी गंडक नदी में बढ़ते जलदबाव को देखते हुए सारण तटबंध समेत सभी संवेदनशील बांधों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। अभियंताओं और प्रशासन की विशेष टीमें लगातार तटबंधों का निरीक्षण कर रही हैं। सदर एसडीएम डॉ. प्रेरणा सिंह ने बताया कि सारण तटबंध पूरी तरह मजबूत और सुरक्षित है। जल संसाधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को घबराने या पैनिक होने की जरूरत नहीं है। NDRF और SDRF को तैयार रहने के निर्देश बाढ़ की आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई कर लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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गोपालगंज में बाढ़ का खतरा:गंडक में 4.16 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया; लोगों से घर छोड़ ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील
