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जीविका के 20 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 2 अक्टूबर को किशनगंज के सम्राट अशोक भवन, खगड़ा में ‘जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर रविवार शाम जदयू जिला कार्यालय में समीक्षा बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता जदयू जिलाध्यक्ष फैसल अहमद ने की। बैठक में किशनगंज कार्यक्रम की जिला प्रभारी शगुफ्ता अजीम और उनके साथ सुमति रानी ने तैयारियों की समीक्षा की। बैठक के बाद प्रेस से बात करते हुए शगुफ्ता अजीम ने कहा कि यह बैठक प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में जीविका के माध्यम से महिलाओं के लिए किए गए काम और महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तीकरण पर चर्चा की जाएगी। इसी को लेकर 2 अक्टूबर को कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला लिया गया है। पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता हुए शामिल समीक्षा बैठक में पूर्व मंत्री सह उर्दू एडवाइजरी बोर्ड के अध्यक्ष नौशाद आलम, उर्दू प्राइमरी बोर्ड के सदस्य मिसबाहुद्दीन, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रो. बुलंद अख्तर हाशमी, जिला मुख्यालय प्रभारी रियाज अहमद, महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष जानकी सिन्हा, जिला उपाध्यक्ष मजलूम हक, बहादुरगंज प्रखंड अध्यक्ष नजीरुल इस्लाम और जिला महासचिव फातमा बेगम मौजूद रहीं। इसके अलावा विभिन्न प्रखंडों की महिला प्रखंड अध्यक्ष खालिदा बेगम समेत अन्य महिला पदाधिकारी और पार्टी की नेत्रियां भी बैठक में शामिल हुईं। 2006-07 में शुरू हुई थी जीविका जीविका की शुरुआत बिहार सरकार ने वर्ष 2006-07 में विश्व बैंक की मदद से की थी। अक्टूबर 2007 से इसे Bihar Rural Livelihoods Promotion Society (BRLPS) के तहत संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों, खासकर महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, बिहार में आज 1.30 करोड़ से अधिक महिलाएं 13 लाख स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी हैं। इन महिलाओं को अब ‘जीविका दीदी’ के नाम से जाना जाता है।
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किशनगंज में ‘जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम होगा:2 अक्टूबर को 20 साल होने पर जश्न, 1.30 करोड़ से ज्यादा महिलाएं 13 लाख SHG से जुड़ी
