जनवरी 2026 में सोना अपने ऑल टाइम हाई पर था। 10 ग्राम सोना 1.80 लाख रुपए में बिक रहा था। लेकिन 9 महीने बाद धनतेरस से एक दिन पहले यह 1.44 लाख रुपए पर आ गया है, यानी 20% की गिरावट। 5 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच सोना करीब 10 हजार रुपए सस्ता हो गया।तो इस धन
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जिम बताते हैं कि साल 2035 तक सोना 35,000 डॉलर प्रति औंस, यानी करीब साढ़े 10 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। अगले 5 साल में सोना इतना महंगा हो सकता है कि आम जनता के पास दिखे ही ना। सिर्फ केंद्रीय बैंकों या चुनिंदा अमीरों की तिजोरियों तक ही सीमित रह जाएगा।
इस अनुमान के पीछे 3 कारण हैं…
1. अमेरिका का बढ़ता कर्ज, डॉलर को कमजोर करेगा
30 ट्रिलियन डॉलर की अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर करीब 40 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज है। इसे चुकाने के 3 विकल्प हैं-
- अमेरिका खुद को दिवालिया घोषित कर दे।
- जीडीपी ग्रोथ बढ़ाए, जो धीमी प्रक्रिया है।
- दुनिया में महंगाई बढ़ाकर, कर्ज की वैल्यू घटा दे।
मान लीजिए 10 साल पहले आपने ₹15 लाख का कर्ज लिया था। अगर आज आप वो कर्ज लौटाते हैं, तो यह कागजों पर तो पूरा हो जाएगा, लेकिन अब उस ₹15 लाख की वैल्यू बहुत कम हो गई है। कर्ज लेते वक्त ₹15 लाख में एक घर बन जाता था, लेकिन आज महंगाई के कारण वही घर ₹60 लाख में आता है। यानी कर्ज लेने वाले को फायदा और कर्ज देने वाले को नुकसान। अमेरिका भी ऐसे ही महंगाई बढ़ाकर दूसरे देशों से लिया कर्ज कम कीमत में चुका देता है।
मार्केट में ज्यादा डॉलर रिलीज करके और इसकी वैल्यू घटाकर अमेरिका महंगाई बढ़ाता है। लोग सोने को सुरक्षित निवेश मानने लगते हैं और ज्यादा सोना खरीदते हैं। इससे सोने की कीमत बढ़ती है।
2. चीन-भारत में बढ़ रहा सोने का भंडार, एक महीने में चीन ने खरीदा 23 टन सोना
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका ने रूस का $300 अरब का रिजर्व फ्रीज कर दिया था। इससे भारत, चीन और पोलैंड जैसे देशों को लगा कि उनके डॉलर रिजर्व तभी तक सुरक्षित हैं जब तक अमेरिका चाहे। सभी देश अब फिजिकल गोल्ड जमा कर रहे हैं। 2016 से 2026 के बीच चीन ने अपने फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में 27% सोना और भारत ने 57% सोना बढ़ाया है। अकेले सितंबर 2026 में चीन ने 23 टन सोना खरीदा है।
मार्केट में सोने की सप्लाई से ज्यादा डिमांड होने की वजह से इसके दाम बढ़ेंगे।
3. सोने के भंडार का री-वैल्यूएशन कर 25% दाम बढ़ा सकता है अमेरिका
अमेरिका के पास दुनिया का सबसे बड़ा 8,133 टन सोने का खजाना है। लेकिन बहीखातों में इसकी कीमत 1970 के दशक की पुरानी दर 42.22 डॉलर प्रति औंस पर ही दर्ज है। जिस दिन अमेरिका ने अपने सोने का री-वैल्यूएशन किया, उसी दिन एक झटके में पूरी दुनिया में सोने के दाम 25% तक बढ़ जाएंगे।

सोने के दाम कम होना टेम्परेरी इवेंट
इंवेस्टमेंट एडवाइजरी फर्म केडिया एडवाइजरी के फाउंडर अजय केडिया बताते हैं कि 2026 की शुरुआत में जब सोना ऑल टाइम हाई पर पहुंचा, तो रिटेल ट्रेडर्स ने उधार लेकर सोने में निवेश किया। जब भी किसी एसेट में जरूरत से ज्यादा खरीदारी होती है और उसका बड़ा हिस्सा उधार पर टिका होता है, तब कीमत गिरती है।
इस कारण अक्टूबर में सोना 1.80 लाख से 1.40 लाख रुपए से नीचे आ गया। अगले 3-5 सालों तक चीन और भारत जैसे देश सोने का भंडार बढ़ाते रहेंगे। इससे सोने की कीमत फिर बढ़ेगी।

इंवेस्टमेंट एनालिसिस कंपनी इंडिया चार्ट्स के रोहित श्रीवास्तव टेक्निकल चार्ट के आधार पर एसेट्स का मूल्यांकन करते हैं। सोने की कीमतों पर वो 3 बातें बताते हैं…
1. रुपया मजबूत होने से सोने की बढ़त धीमी रहेगी
भारत में सोना इसलिए लगातार महंगा रहा क्योंकि डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता गया। 10 साल पहले एक डॉलर करीब 66 रुपए के बराबर था। आज 95 रुपए तक पहुंच गया है।
जब 1 डॉलर के बदले 90 रुपए मिलते थे, तब 100 डॉलर के सोने की कीमत भारत में 9,000 रुपए होती थी। मान लीजिए सोना 1 डॉलर सस्ता होकर 99 डॉलर का हुआ और रुपया भी कमजोर होकर 91 रुपए प्रति डॉलर पर पहुंच गया। सोने की कीमत 99 × 91 = 9,009 रुपए हो गई। यानी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में सोना सस्ता होकर भी भारत में 9 रुपए महंगा रहा।
अब डॉलर में लंबी गिरावट आने वाली है, जिससे रुपया मजबूत होगा। यानी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में सोने की कीमत कम होने पर भारत में भी कीमत कम होगी। पहले की तरह बढ़ेगी नहीं।
2. 1.80 लाख पर पहुंचने के बाद गिरावट आएगी
अगले एक साल में सोना फिर से अपने ऑल टाइम हाई 1.80 लाख के आस-पास पहुंचेगा, लेकिन यहां से गिरावट शुरू होगी। जब सोना अपने निचले स्तर पर होगा, तब शेयर मार्केट अपना टॉप बनाएगा।
3. 2028 के बाद फिर बढ़ेंगे दाम
2028 की होली तक सोने के दाम ज्यादा नहीं बढ़ेंगे। लेकिन इसके बाद तेजी आएगी। जो इस समय सोने में निवेश करेगा, उसे अगले 2 साल काफी अच्छा रिटर्न मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय बैंकों का अनुमान- 6,000 डॉलर के पार जा सकता है सोना
दुनिया के टॉप बैंक भी अगले साल सोने के दाम में बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे हैं…
जे पी मॉर्गन: 2027 के अंत तक सोना 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है।
गोल्डमेम सैक्स: 2027 में सोने के दाम 5,400 डॉलर प्रति औंस रहेंगे।
बैंक ऑफ अमेरिका: 2027 की पहली तिमाही में सोने के दाम 4,750 डॉलर प्रति औंस रहेंगे। दूसरी और तीसरी तिमाही तक ये 5,000 डॉलर हो जाएंगे।
मॉर्गन स्टैनली: 2027 में सोने की औसत कीमत 5,050 डॉलर प्रति औंस रहेगी। सोना अधिकतम 6,818 और न्यूनतम 3,788 डॉलर तक जा सकता है। 2028 में सोने की कीमत गिरेगी और यह औसत 4,688 डॉलर प्रति औंस पर आ जाएगा।
क्या यह सोना खरीदने का सही समय है?
रोहित श्रीवास्तव के मुताबिक, सोना अपने निचले स्तर पर है। निवेशक यहां से खरीदारी कर सकते हैं। एक साल तक सोने में तेजी सीमित रहेगी, लेकिन लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करने का सही समय है।
रोहित बताते हैं कि 2028 में सोना अपने निचले स्तर पर होगा, वह निवेश के लिए सबसे सही समय होगा। इसके बाद अगले 2 साल में सोने पर सबसे अच्छा रिटर्न मिलेगा।
जिम रिकार्ड्स कहते हैं कि दुनिया का कर्ज खत्म नहीं होने वाला है, इसलिए सोने के दाम भी कम नहीं होंगे। थोड़े बहुत उतार-चढ़ाव आएंगे, लेकिन लॉन्ग टर्म निवेशकों को इससे फर्क नहीं पड़ेगा।
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डिस्क्लेमर: ऊपर दिए विचार और सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों के हैं, न कि भास्कर के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों की सलाह लें।
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