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शेखपुरा में दो दिवसीय कृषि यंत्र मेला शुरू:16 स्टॉलों पर आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन, खरीद पर 70 से 80% तक अनुदान




शेखपुरा के संयुक्त कृषि भवन परिसर में बुधवार को जिलास्तरीय दो दिवसीय कृषि यांत्रिकरण मेला-सह-प्रदर्शनी शुरू हुई। कृषि विभाग की ओर से आयोजित मेले का उद्घाटन जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्हें जल-जीवन-हरियाली अभियान का प्रतीक पौधा और शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। डीएम ने कहा कि कृषि यांत्रिकरण मेला किसानों के लिए उपयोगी और लाभकारी साबित होगा। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों, नई तकनीकों और सरकार की कृषि योजनाओं की जानकारी देना है, ताकि वे इनका लाभ उठाकर खेती को अधिक उन्नत, लाभकारी और सुविधाजनक बना सकें। आधुनिक मशीनों से समय और श्रम की होगी बचत डीएम ने कहा कि कृषि कार्यों में आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से किसानों के समय और श्रम की बचत होगी। इससे कृषि उत्पादन और उत्पादकता में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि देश के समग्र विकास के लिए कृषि का विकास जरूरी है। किसानों की समृद्धि से ही देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और खेतों में जैविक खाद के साथ संतुलित मात्रा में उर्वरकों का इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए जैविक एवं संतुलित कृषि पद्धति जरूरी है। 16 स्टॉलों पर आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन मेले में कुल 16 स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें विभिन्न विभागों और कृषि यंत्र विक्रेताओं की ओर से आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जा रहा है। किसानों को ट्रैक्टर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता, कीमत और सरकारी अनुदान की जानकारी दी जा रही है। सरकार के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार, प्रदर्शित कृषि यंत्रों की खरीद पर लगभग 70 से 80 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ दिया जा रहा है। इससे किसानों को कम लागत में आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। व्यक्तिगत कृषि यंत्रों के लिए मिले 836 आवेदन कृषि यांत्रिकरण योजना के तहत इस वर्ष विभिन्न प्रकार की पांच योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। व्यक्तिगत कृषि यंत्रों के लिए किसानों से कुल 836 ऑनलाइन आवेदन मिले हैं। इनमें से 298 परमिट विभाग की ओर से जारी किए गए हैं। वहीं, स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के तहत तीन केंद्रों के लक्ष्य के विरुद्ध 51 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से तीन परमिट जारी किए गए हैं। ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए भी आवेदन इस बार पहली बार कृषि यांत्रिकरण योजना के तहत ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए अनुदान के आवेदन भी प्राप्त किए गए हैं। प्राप्त आवेदनों के आधार पर लॉटरी प्रक्रिया के बाद चयनित किसानों को परमिट जारी किए जाएंगे। मेले में मौजूद कृषि विशेषज्ञों और विभागीय पदाधिकारियों ने किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के सही इस्तेमाल, यांत्रिकरण के लाभ, सरकारी अनुदान की प्रक्रिया और विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी। किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए वैज्ञानिक और उन्नत कृषि पद्धतियां अपनाने के प्रति भी जागरूक किया गया।
कृषि विभाग के अधिकारी और किसान रहे मौजूद कार्यक्रम में उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण), बिहार, पटना स्नेहा सिन्हा, जिला कृषि पदाधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र अरियरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी और सहायक निदेशक (शस्य), भूमि संरक्षण सहित जिले के सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि विभाग के कर्मी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।



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