![]()
अभिनेता यशपाल शर्मा ने फिल्म ‘अब तक छप्पन’ में नाना पाटेकर के साथ काम किया था। फिल्म में दोनों की जोड़ी को काफी पसंद किया गया। अब फिल्म ‘झाड़ फूंक’ के इंटरव्यू के दौरान यशपाल ने नाना के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म की कास्टिंग के दौरान नाना से पहली मुलाकात काफी दिलचस्प रही थी। उस वक्त उन्हें नाना के गुस्से और सेट पर उनके व्यवहार को लेकर कई बातें सुनने को मिली थीं। यहां तक कि उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से पहले अपनी कुछ शर्तें भी रख दी थीं। हालांकि, साथ काम करने के बाद नाना को लेकर उनकी धारणा पूरी तरह बदल गई। यशपाल ने उन्हें अपने अब तक के सबसे बेहतरीन को-एक्टर में से एक बताया। नाना से पहली मुलाकात में मेरी तरफ फेंका सेब यशपाल शर्मा ने बताया कि उन्हें रामगोपाल वर्मा के ऑफिस से फिल्म ‘अब तक छप्पन’ के लिए फोन आया था। समित अमीन ने उन्हें बताया कि एक फिल्म बन रही है और मेकर्स उन्हें कास्ट करना चाहते हैं। इसके बाद उन्हें नाना पाटेकर का नंबर और पता दिया गया, ताकि वे उनसे मुलाकात कर सकें। यशपाल नाना के लोखंडवाला स्थित घर पहुंचे। उन्होंने बताया, ‘जैसे ही नाना ने दरवाजा खोला, उनके हाथ में एक सेब था। उन्होंने वह सेब मेरी तरफ फेंक दिया। मैंने उसे पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने कहा- यू आर डूइंग। मैं हैरान था कि यह कैसी कास्टिंग है।’ कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से पहले रख दी थीं शर्तें यशपाल ने बताया कि बाद में जब वे समित अमीन के पास कॉन्ट्रैक्ट साइन करने पहुंचे, तो उन्होंने नाना के साथ काम करने को लेकर अपनी आशंकाएं जाहिर की थीं। उन्होंने कहा, ‘मैंने उनसे कहा कि नाना पाटेकर के बारे में सुना है कि वे सेट पर गुस्सा हो जाते हैं। मैं हरियाणा से हूं। अगर उन्होंने मुझे मारा तो मैं भी डबल मारूंगा। अगर गालियां दीं, तो मेरे पास भी गालियों की कमी नहीं है।’ हालांकि, नाना के साथ काम करने के बाद यशपाल की यह धारणा पूरी तरह बदल गई। उन्होंने कहा कि नाना उनके अब तक के सबसे बेहतरीन को-एक्टर हैं। उन्होंने फिल्म में उनका एक भी सीन नहीं कटवाया। यशपाल के मुताबिक, उन्होंने फिल्म के लिए जितना काम किया था, वह सब फाइनल फिल्म में शामिल किया गया। नाना के बारे में सुनी थीं कई बातें, केके मेनन ने भी छोड़ा था रोल यशपाल ने बताया कि फिल्म में काम करने से पहले उन्हें कई लोगों ने नाना पाटेकर के स्वभाव को लेकर अलग-अलग बातें बताई थीं। यहां तक कि उनके मुताबिक, केके मेनन ने भी वह रोल छोड़ दिया था। लेकिन नाना के साथ काम करने के बाद उन्हें समझ आया कि किसी व्यक्ति के बारे में दूसरों से सुनी बातों के आधार पर राय नहीं बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक आप खुद किसी इंसान से नहीं मिलते और उसके साथ वक्त नहीं बिताते, तब तक उसके व्यक्तित्व को सही तरीके से नहीं समझ सकते। बड़े स्टार होने के बावजूद नाना पाटेकर हमेशा डाउन टू अर्थ रहे यशपाल ने नाना पाटेकर के व्यवहार की तारीफ करते हुए कहा कि वे बेहद डाउन टू अर्थ इंसान थे । इतने बड़े स्टार होने के बावजूद उनके साथ बैठकर खुलकर बातचीत की जा सकती थी। फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों के बीच अच्छी दोस्ती भी हो गई थी। उन्होंने बताया कि फिल्म ‘अपहरण’ में भी दोनों साथ थे, लेकिन उसमें उनका नाना के साथ आमने-सामने का कोई सीन नहीं था। इस वजह से दोनों को ज्यादा बातचीत करने का मौका नहीं मिला। यशपाल ने आगे बताया कि उनका मन था कि एक बार नाना पाटेकर के फार्महाउस जाकर उनसे मुलाकात करें, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।
Source link
नाना के गुस्से के किस्से सुन यशपाल ने रखी शर्त:बोले- हाथ उठाया तो दोगुना मारूंगा; बाद में बने अच्छे दोस्त
