शिक्षकों में आक्रोश : बिना किसी वित्तीय आवंटन या अग्रिम बजट के अपने खर्च पर काम कराने के दबाव से जिलेभर के शिक्षकों में भारी रोष है। बकाया भुगतान न मिलने और वेतन रुकने की आशंका से शिक्षक मानसिक तनाव झेल रहे हैं। डीपीओ का पक्ष : डीपीओ अनन्या ने बताया कि शैक्षणिक भ्रमण की बकाया राशि का मामला संज्ञान में है। इसके समाधान के लिए विभाग के वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है और जल्द भुगतान के लिए पुनः स्मरण पत्र (रिमाइंडर) भेजा जा रहा है। भास्कर न्यूज | बक्सर जिले के एक दर्जन से अधिक मध्य विद्यालयों में शैक्षणिक भ्रमण का सरकारी फंड अब तक जारी नहीं किया गया है। बीते वर्ष छात्रों को भ्रमण कराने वाले प्रधानाध्यापकों को अपनी जेब से राशि का भुगतान करना पड़ा था। लंबा समय बीत जाने के बाद भी उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने के बावजूद बकाए का भुगतान न होना शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। इस पुरानी समस्या के बीच शिक्षा विभाग ने ‘कायाकल्प’ योजना के तहत नया फरमान जारी कर दिया है। इसके अनुसार, विद्यालयों का रंग-रोगन और जीर्णोद्धार प्रधानाध्यापकों को खुद अपने पैसों से कराना होगा।
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भ्रमण की राशि अटकी, कायाकल्प के लिए शिक्षकों पर खर्च का दबाव
