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Supreme Court Questions Center on 100% Ethanol Fuel Supply Strategy


नई दिल्ली3 मिनट पहले

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से पूछा कि 100% एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों की मंजूरी के बाद ईंधन की सप्लाई कैसे होगी। कोर्ट इथेनॉल सप्लाई ईयर (ESY) 2025-26 से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। बेंच ने हाल की मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए यह सवाल पूछा।

26 अक्टूबर को सड़क परिवहन मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में बदलाव की अधिसूचना जारी की थी। इससे E100 यानी लगभग शुद्ध एथेनॉल पर चलने वाली फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों को मंजूरी मिली।

27 अक्टूबर को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि केंद्र की फिलहाल पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण 20% से आगे बढ़ाने की कोई तत्काल योजना नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने कहा, “परसों हमने कुछ अखबारों में पढ़ा कि 100% एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों को मंजूरी दी गई है।”

बेंच ने पूछा, “सैद्धांतिक तौर पर हम जानना चाहते हैं कि अगर 100% एथेनॉल वाली गाड़ियों की अनुमति दी गई है, तो इसकी सप्लाई कैसे की जाएगी?”

अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कोर्ट के सवाल का जवाब देते हुए कहा, “इसके लिए बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग व्यवस्था में बदलाव करना होगा।”

कोर्ट ने किसानों को सशक्त बनाने पर जोर दिया

सुनवाई के दौरान बेंच ने देश के किसानों को सशक्त बनाने की जरूरत पर जोर दिया। कोर्ट ने कहा कि बड़े सार्वजनिक हित और पर्यावरण के नजरिए से भी इस मुद्दे पर विचार होना चाहिए।

जस्टिस सुंदरेश ने कहा, “तीसरा मुद्दा देश की बड़ी आबादी यानी किसानों के नजरिए से सबसे महत्वपूर्ण है। हमें किसानों को सशक्त बनाने का तरीका देखना होगा। इस पहलू को कोई उजागर नहीं कर रहा है।”

आर वेंकटरमणी ने कहा कि वह मामले में अपनी दलीलों के दौरान किसानों से जुड़े मुद्दे पर जवाब देंगे।

बेंच ने कहा, “हमें उस आम आदमी को सशक्त बनाना है, जो अब भी गांवों में रहता है।”

मामले में पेश एक वकील ने कहा कि एथेनॉल को बढ़ावा देने से किसानों को किसी न किसी रूप में मदद मिलेगी। एक अन्य वकील ने कहा कि इनमें से कुछ मुद्दों को केंद्र सरकार की नीति में शामिल किया गया है।

वकील ने कहा, “केंद्र सरकार की नीति में किसानों के हित का पहलू भी शामिल है।”

बेंच ने मामले की अगली सुनवाई अगले महीने तय की है।

E85 और E100 ईंधन पर चलती हैं फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां

फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों को E85 और E100 जैसे ज्यादा एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर चलने के लिए बनाया जाता है। E85 में 85% एथेनॉल और 15% पेट्रोल होता है।

E100 में लगभग 100% एथेनॉल होता है। इसके उलट, सामान्य पेट्रोल गाड़ियों को फिलहाल कम एथेनॉल मिश्रण के लिए मंजूरी मिली है।

हाल ही में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा था कि बदलावों से उत्सर्जन प्रमाणन के प्रावधान अपडेट होंगे। इनमें E85 के साथ E100 को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।

एथेनॉल सप्लाई ईयर 2025-26 का विवाद

30 जून को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के उस निर्देश पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था, जिसमें ESY 2025-26 के लिए एथेनॉल आवंटन बढ़ाने को कहा गया था।

शीर्ष अदालत एक तेल मार्केटिंग कंपनी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कंपनी का दावा था कि हाईकोर्ट के आदेश से पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण की राष्ट्रीय नीति अस्थिर हो जाएगी।

हाईकोर्ट ने भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड को एक प्रतिनिधित्व पर विचार कर फैसला लेने का निर्देश दिया था।

यह प्रतिनिधित्व एक ऐसे एथेनॉल निर्माता ने दिया था, जिसने ESY 2025-26 के लिए एथेनॉल आवंटन बढ़ाने की मांग की थी।

हाईकोर्ट ने कहा था कि समर्पित एथेनॉल संयंत्र सरकार की नीति के तहत स्थापित किए गए हैं। ये संयंत्र अनुबंध के तहत सिर्फ तेल मार्केटिंग कंपनियों को एथेनॉल सप्लाई करने के लिए बाध्य हैं।

अदालत ने कहा था कि ऐसे संयंत्रों को लॉन्ग-टर्म ऑफटेक एग्रीमेंट में तय प्राथमिकता वाले आवंटन का लाभ देने से इनकार नहीं किया जा सकता।



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