![]()
अररिया में बारिश के बीच शुक्रवार को हजारों गरीबों, भूमिहीन मजदूरों और किसानों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के संयुक्त बैनर तले हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने जमीन, रोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने की मांग उठाई। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला सचिव कॉमरेड राम बिलास यादव ने किया। बाद में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम और एसडीओ को छह सूत्री मांगपत्र सौंपा। राम बिलास यादव ने कहा कि जिले के गरीब, मजदूर और भूमिहीन परिवार लंबे समय से अपने बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सिर्फ विज्ञापन और पोस्टर से गरीबों का कल्याण नहीं होगा। सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाना होगा। भूमिहीनों को आवास और खेती के लिए मिले जमीन संगठन ने जिले के सभी भूमिहीन परिवारों को 10 डिसमिल आवासीय जमीन और जीविकोपार्जन के लिए एक एकड़ खेती की जमीन देने की मांग की। सरकारी योजनाओं के प्रचार पर खर्च कम कर जमीनी स्तर पर काम करने की बात भी कही गई। अंचल कार्यालयों में दलाली और वसूली पर रोक लगे प्रदर्शनकारियों ने सभी अंचल कार्यालयों में कथित दलाली, बिचौलियागिरी और अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग की। पुराने पट्टाधारियों को उनकी जमीन पर कब्जा दिलाने और सिक्मीदारों को कानूनी अधिकार देकर राजस्व जमाबंदी कायम करने की मांग भी उठाई। बिना वैकल्पिक व्यवस्था भूमिहीनों को नहीं हटाएं सड़क, नहर और रेलवे लाइन के किनारे बसे भूमिहीन परिवारों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था हटाने का विरोध किया गया। संगठन ने कहा कि ऐसे परिवारों को हटाने से पहले 10 डिसमिल आवासीय जमीन उपलब्ध कराई जाए। नकली खाद-बीज बेचने वालों पर कार्रवाई की मांग किसानों के हित में बाजार में बिक रहे नकली खाद और बीज पर रोक लगाने तथा कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
Source link
अररिया में मजदूरों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया:भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए 10 डिसमिल,खेती को 1 एकड़ जमीन देने की मांग
