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24 नवंबर तक कार्तिक मास:इस महीने में नदी स्नान, दीपदान, दान-पुण्य और तुलसी पूजा जैसे शुभ काम करने की परंपरा, जानिए मान्यताएं




हिन्दी पंचांग का आठवां महीना कार्तिक शुरू हो गया है। यह महीना 24 नवंबर तक रहेगा। इस महीने में करवाचौथ (29 अक्टूबर) धनतेरस (6 नवंबर), दीपावली (8 नवंबर), गोवर्धन पूजा (9-10 नवंबर) और 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा रहेगी। इस महीने में नदी स्नान, तुलसी पूजा, दीपदान, दान-पुण्य करने की परंपरा है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, कार्तिक मास में भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय, धन्वंतरि, यमराज, माता महालक्ष्मी, भगवान विष्णु, गोवर्धन पर्वत, छठ माता और सूर्य देव की पूजा खासतौर पर की जाती है। इस महीने में तुलसी के साथ पीपल और आंवले की भी पूजा करनी चाहिए। कार्तिक मास के प्रमुख व्रत-पर्वों की तारीखें कार्तिक मास में खान-पान और दिनचर्या का रखें ध्यान कार्तिक मास में मौसम में बदलाव होने लगता है और ठंड बढ़ने लगती है। ऐसे में खान-पान और दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी है। इन दिनों में सुबह जल्दी उठना, योग-प्राणायाम करना, ध्यान करना और मंत्रों का जप करना चाहिए। मौसम के अनुसार कपड़े पहनने, पौष्टिक भोजन लेने और पर्याप्त आराम करने पर भी ध्यान देना चाहिए। पवित्र नदियों में स्नान और दीपदान की परंपरा कार्तिक मास में गंगा, यमुना, नर्मदा, शिप्रा और कावेरी जैसी पवित्र नदियों में स्नान और दीपदान करते हैं। कई श्रद्धालु पूरे महीने सुबह नदी में स्नान करते हैं और मंदिरों में दर्शन-पूजन करते हैं। गोवर्धन पूजा पर करें गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा कार्तिक मास में मथुरा, वृंदावन और गोकुल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। गोवर्धन पूजा के अवसर पर गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने की विशेष परंपरा है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को अन्नकूट का भोग लगाया जाता है। भाई दूज पर करें यमुना नदी में स्नान यह पर्व यमुना नदी और यमराज को समर्पित है। मान्यता है इस तिथि पर जो लोग यमुना नदी में स्नान करते हैं और यमराज की पूजा करते हैं, उनके जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। इस दिन भाई अपनी बहन के घर भोजन करते हैं, बहनें भाई के सौभाग्य और लंबी उम्र की कामना करती हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर करें दीपदान कार्तिक मास के अंतिम दिन यानी 24 नवंबर को पवित्र नदियों में स्नान, दीपदान और जरूरतमंद लोगों को दान देने की परंपरा है। इसी दिन देव दीपावली भी मनाई जाती है। इस अवसर पर भगवान शिव की नगरी काशी में घाटों पर दीप जलाकर उत्सव मनाया जाता है।



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