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बिहार पुलिस ड्राइवर अभ्यर्थियों का आज महाआंदोलन:5000 से ज्यादा अभ्यर्थी जुटेंगे, धरने के 51 दिन हुए; कहा- अब करेंगे आर-पार की लड़ाई




बिहार पुलिस ड्राइवर अभ्यर्थियों का आज महाआंदोलन होने वाला है। सभी अभ्यर्थियों को गर्दनीबाग में धरना देते हुए आज 51 दिन हो गए हैं। आर-पार की लड़ाई की चेतावनी देते हुए 5000 से ज्यादा अभ्यर्थी आज गर्दनीबाग में जुटेंगे। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग भर्ती में रिक्त रह गई 1200 से अधिक महिला सीटों को लेकर है। उनका कहना है कि यदि नियम इसकी अनुमति देते हैं, तो इन सीटों को संबंधित श्रेणी के योग्य पुरुष अभ्यर्थियों से भरने पर विचार किया जाना चाहिए। इससे सीटें रिक्त रहने से बचेंगी और भर्ती में शामिल योग्य उम्मीदवारों को मौका मिल सकेगा। थाली-चम्मच बजाकर किया था विरोध इससे पहले भी अपनी मांगों को लेकर अभ्यर्थियों ने अनोखा प्रदर्शन किया था। सभी अभ्यर्थियों ने थाली और चम्मच बजाकर अपना विरोध जताया। इसके साथ ही अपने अंगूठे के खून से नाम के आगे ठप्पा लगाया था। उन्होंने कहा था कि आज अंगूठा का खून दिए हैं, अगर सम्राट चौधरी बात नहीं मानेंगे तो फिर अंगूठा का आहुति करेंगे। वहीं, गर्दनीबाग में छठ पूजा करके भी विरोध जता चुके हैं। पीली धोती में अभ्यर्थी ने छठ पूजा की परंपरा के अनुरूप हाथों में सूप और कलश लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने अभ्यर्थियों को किया था डिटेन 13 अक्टूबर को ड्राइवर अभ्यर्थी सीएम हाउस का घेराव करने वाले थे, मगर प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने अभ्यर्थियों को डिटेल कर लिया था। गांधी मैदान के गेट नंबर 10 के पास जुटे अभ्यर्थियों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पकड़ा था। पुलिस प्रदर्शनकारियों को गांधी मैदान से भगा रही थी। कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गांधी मैदान गेट नंबर 10 पर ही पुलिस ने बैरिकेडिंग तक कर दी थी। गांधी मैदान के अंदर बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की गई थी। सूप-कलश और तिरंगा लेकर प्रदर्शन पहले से निर्धारित कार्यक्रम के हिसाब से कैंडिडेट्स कलश यात्रा निकालने वाले थे। इसके बाद पैदल मार्च होता, जिसके लिए कैंडिडेट्स गांधी मैदान में जुटे रहे थे। अभ्यर्थी छठ पूजा की परंपरा के अनुरूप हाथों में सूप और कलश लेकर मार्च में शामिल होने वाले थे। इसके साथ तिरंगा झंडा भी लेकर चलने की बात कही गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस प्रतीकात्मक और शांतिपूर्ण तरीके से वे अपनी मांग सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं।



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