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औरंगाबाद शहर में पुलिस की वर्दी पहनकर अर्टिगा कार से पहुंचे युवकों पर टमाटर कारोबारी को अगवा कर मारपीट करने और लूटपाट करने का आरोप लगा है। आरोपितों ने कारोबारी से 30 हजार रुपए नकद छीन लिए, जबकि उसके मोबाइल से यूपीआई के जरिए 70 हजार रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। घटना के बाद उसे जीटी रोड स्थित सनथुआ पेट्रोल पंप के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर अंबा बाजार से वारदात में इस्तेमाल अर्टिगा कार भी बरामद की गई है। पीड़ित की पहचान शहर के नावाडीह रोड स्थित पुरानी काजी मोहल्ला निवासी मो. इम्तेयाज के रूप में हुई है। उसने नगर थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से आरोपितों तक पहुंची। होटल से समोसा लेने गया था कारोबारी, कार में बैठाकर पीटा पीड़ित मो. इम्तेयाज के अनुसार, वह टमाटर के कारोबार के लिए रुपए लेकर शहर में एक होटल से समोसा लेने गया था। इसी दौरान पुलिस की वर्दी पहने युवक वहां पहुंचे और उसे जबरन अर्टिगा कार में बैठा लिया। आरोप है कि कार में उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उससे 30 हजार रुपए नकद छीन लिए गए और मोबाइल से यूपीआई के जरिए 70 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। आरोपित उसे सनथुआ पेट्रोल पंप के पास छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद इम्तेयाज सदर अस्पताल पहुंचा और इलाज कराने के बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी। रजिस्ट्री ऑफिस का ऑफिस बॉय समेत चार गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कुंडा टोले लाल बिगहा गांव निवासी शिव यादव का पुत्र लकेश यादव, सलैया थाना क्षेत्र के परसडीह गांव निवासी भीम कुमार, रफीगंज थाना क्षेत्र के पिपराही गांव निवासी संजीत कुमार और शहर के बराटपुर मोहल्ला निवासी ललन कुमार उर्फ रामबाबू शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, ललन कुमार उर्फ रामबाबू रजिस्ट्री ऑफिस में ऑफिस बॉय के रूप में कार्यरत है। वहीं, भीम कुमार और संजीत कुमार के ग्राम रक्षा दल से जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस सभी आरोपितों से पूछताछ कर रही है और वारदात में उनकी भूमिका की जांच कर रही है। नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि आरोपितों ने पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल कर कारोबारी को अपने कब्जे में लिया था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात की साजिश कैसे रची गई और यूपीआई से ट्रांसफर कराए गए रुपए किन खातों में गए। CCTV फुटेज से मिला सुराग, अंबा से बरामद हुई कार पीड़ित की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद नगर थाना पुलिस ने एसआई राहुल राज के नेतृत्व में जांच शुरू की। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से घटना में इस्तेमाल की गई कार का पता लगाया गया। इसके बाद पुलिस ने अंबा बाजार से अर्टिगा कार बरामद कर उसके चालक लकेश यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस लकेश को थाने लेकर आई और पूछताछ शुरू की। बताया जाता है कि शुरुआत में उसने घटना के बारे में जानकारी देने से इनकार किया। बाद में पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर घटना से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी दी। इसके आधार पर पुलिस ने बाकी आरोपितों को भी गिरफ्तार किया। पुलिस अब कारोबारी से छीनी गई नकदी और यूपीआई से ट्रांसफर कराए गए 70 हजार रुपए के संबंध में साक्ष्य जुटा रही है। साथ ही, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। चारों आरोपितों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास का भी पता लगा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है। पहले भी फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर वसूली का मामला आया था सामने औरंगाबाद शहर में इससे पहले भी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से वसूली करने का मामला सामने आ चुका है। पूर्व में जहानाबाद के एक युवक पर खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर वसूली करने का आरोप लगा था। उस मामले में पुलिस ने उसके कुछ साथियों को पकड़ा था, जबकि मुख्य आरोपित फरार हो गया था। बाद में उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया था।
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औरंगाबाद में पुलिस की वर्दी पहन कारोबारी को किया अगवा:30 हजार कैश छीने; UPI से 70 हजार ट्रांसफर कराए; अर्टिगा कार से पहुंचे थे आरोपी
