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आरा में रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर रामकुमार सिंह के हत्या के तीन आरोपियों को पुलिस थोड़ी देर में नवादा थाना से डेढ़ किलोमीटर दूर आरा कोर्ट पैदल ही ले जाएगी। इस दौरान आरोपियों को नकाब भी नहीं पहनाया जाएगा। कोर्ट जाने के दौरान करीब 30 से 35 पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे, जो आरोपियों के साथ पैदल कोर्ट तक जाएंगे। जिन दो आरोपियों को पैदल कोर्ट तक ले जाया जाएगा, उसमें चंदन, टीपू और अभिषेक शामिल है। भोजपुर पुलिस के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिलेगा, जब किसी हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के आरोपियों को नवादा थाने से आरा सिविल कोर्ट तक पैदल मार्च कराते हुए पेशी के लिए ले जाया जाएगा। दरअसल, 15 अक्टूबर की सुबह करीब 6 बजे नवादा थाना क्षेत्र अंतर्गत कनकपुरी मोहल्ले में कस्टम विभाग के रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह की हत्या कर दी गई थी। जैन कॉलेज के पूर्वी गेट के पास वारदात को उस वक्त अंजाम दिया गया था, जब राम कुमार सिंह अपनी पत्नी और बड़े बेटे के साथ मॉर्निंग वॉक के लिए जा रहे थे। घटना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व एसडीपीओ सदर-1 कर रहे थे। पुलिस ने अब तक कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात के तुरंत बाद मुख्य आरोपी मनोज लक्की, इसके बाद चंदन सिंह और अभिषेक को कोलकाता एयरपोर्ट से जबकि चौथे आरोपी टीपू को भोजपुर से ही अरेस्ट किया गया था। वारदात से जुड़ी दो तस्वीरें देखिए
5 करोड़ रुपए की जमीन विवाद को हत्या की मुख्य वजह बता रही पुलिस भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि जमीन विवाद में हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। जिस जमीन के लिए हत्या की गई, वो सिंगही में है। एसपी ने बताया कि साल 2006 से राम कुमार सिंह का उक्त जमीन अपने बेटे के नाम पर था। साल 2020 में उनकी ओर से जमीन की घेराबंदी भी कराई गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पक्ष ने साल 2025 में इस जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी ली और उसके आधार पर अलग-अलग लोगों के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराई। इसके बाद जमीन का म्यूटेशन भी कराया गया। एसपी के मुताबिक, पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि जब राम कुमार सिंह का लंबे समय से जमीन पर कब्जा था, तब भी संबंधित जमीन की रजिस्ट्री और म्यूटेशन किस आधार पर कराया गया। हत्या से 15-20 दिन पहले बनाई गई थी योजना एसपी अवधेश दीक्षित के अनुसार, आरोपियों ने हत्या से करीब 15 से 20 दिन पहले ही वारदात की योजना बना ली थी। इसमें हत्या को अंजाम देने, शूटर की भूमिका तय करने और घटना के बाद फरार होने की रणनीति तैयार की गई थी। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने वारदात से तीन-चार दिन पहले ही अपने बैंक खातों में मौजूद रकम निकालकर अपनी पत्नी के खातों में ट्रांसफर कर दी थी। इसके साथ ही पत्नी को भी दूसरी जगह भेज दिया गया था। SP ने बताया कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए चंदन और अभिषेक ने नए सिम कार्ड और मोबाइल फोन खरीदे। इसके अलावा नया बैंक खाता भी बनाया गया। वारदात के बाद आरोपी भोजपुर से निकलकर पहले सिलीगुड़ी गए, फिर गंगटोक पहुंचे और वहां से कोलकाता चले गए। इस दौरान अलग-अलग जगहों पर ठहरते समय उन्होंने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की। एसपी ने बताया कि कोलकाता एयरपोर्ट पर पकड़े जाने के दौरान भी चंदन सिंह अपनी असली पहचान बताने से बच रह था। पत्रकार मनोज लक्की की भूमिका भी जांच के दायरे में एसपी ने बताया कि मनोज कुमार सिंह उर्फ लक्की की भूमिका विवादित जमीन में साझेदारी और उसकी रजिस्ट्री से जुड़ी हुई सामने आई है। पुलिस के अनुसार, जब चंदन सिंह और राम कुमार सिंह के बीच जमीन विवाद को लेकर बातचीत या मध्यस्थता होती थी, तब मनोज लक्की ने चंदन सिंह के पक्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एसपी ने यह भी कहा कि अनुसंधान के दौरान ऐसी जानकारी सामने आई है कि चंदन सिंह अन्य लोगों के साथ मिलकर कई जमीनों को विवादित बनाने की गतिविधियों में भी शामिल रहा है। पुलिस को कुछ ऐसे समूहों और संभावित सिंडिकेट के बारे में जानकारी मिली है, जो दस्तावेजों में हेरफेर कर जमीन विवाद पैदा करते हैं और वास्तविक मालिकों को परेशान करते हैं। पुलिस ऐसी अन्य जमीनों और संबंधित लोगों की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। हालांकि, इन सभी पहलुओं पर अनुसंधान अभी जारी है। हत्या में इस्तेमाल हथियार अभी बरामद नहीं हत्याकांड में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के सवाल पर एसपी ने स्पष्ट किया कि हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार अभी पुलिस को नहीं मिला है। हालांकि, चंदन सिंह के घर पर चल रही छापेमारी के दौरान एक पिस्तौल बरामद की गई है। पुलिस अब इसकी जांच कर रही है कि बरामद पिस्तौल का इस्तेमाल राम कुमार सिंह की हत्या में हुआ था या वारदात में किसी दूसरे हथियार का उपयोग किया गया था। एसपी ने कहा कि मामले में पुलिस के पास आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं और उनके आधार पर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस की कोशिश है कि मामले का स्पीडी ट्रायल कराया जाए, ताकि आरोपियों के खिलाफ जल्द न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो सके। इसके साथ ही घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। एसपी ने कहा कि अनुसंधान पूरा होने और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़ी बाकी जानकारियां भी सामने लाई जाएंगी।
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आरा- असिस्टेंट कमिश्नर हत्याकांड में तीन आरोपियों की परेड:थाना से डेढ़ किलोमीटर दूर पैदल कोर्ट ले जाएगी पुलिस, 30-35 जवान सुरक्षा में तैनात रहेंगे
