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पटना- ट्रैक पर मिली लड़का-लड़की की लाश पर सस्पेंस बरकरार:युवक की पहचान नहीं होने से उलझी जांच, प्रेम प्रसंग और हत्या समेत कई एंगल पर पड़ताल




पटना के कुम्हरार रेलवे ट्रैक पर 9 अक्टूबर की सुबह युवक और युवती का शव मिलने के मामले की जांच प्रेम प्रसंग और हत्या समेत अलग-अलग पहलुओं से किया जा रहा है। मृत युवती की पहचान कंकड़बाग की रहने वाली शैली कुमारी के रूप में हुई थी। वह ग्रेजुएशन की छात्रा थी। वहीं, 9 दिन बाद भी युवक की पहचान नहीं हो सकी है। हालांकि, युवक की पहचान नहीं होने के कारण जांच में परेशानी आ रही है। युवक के पास से न तो मोबाइल फोन मिला और न ही पहचान से जुड़ा कोई दस्तावेज बरामद हुआ है। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवक की पहचान करना और दोनों की मौत की वजह का पता लगाना है। 5 अक्टूबर को घर से निकली थी शैली जानकारी के मुताबिक, शैली कुमारी 5 अक्टूबर को कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो कंकड़बाग थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिवार को उम्मीद थी कि पुलिस जल्द ही शैली को खोज निकालेगी। लेकिन 9 अक्टूबर की सुबह कुम्हरार रेलवे ट्रैक पर युवक और युवती का शव मिलने की सूचना ने परिवार को झकझोर दिया। इस घटना के बाद से परिवार सदमे में है। शैली के पिता संजीव कुमार प्रजापति महावीर आरोग्य संस्थान में कर्मचारी हैं। पिता का कहना है कि उनकी बेटी शांत स्वभाव की थी और परिवार में सबसे बड़ी थी। उन्होंने आशंका जताई है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। उन्होंने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पहली थ्योरी: प्रेम प्रसंग के एंगल से जांच पुलिस इस मामले में प्रेम प्रसंग के एंगल से भी जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शैली और रेलवे ट्रैक पर मिले युवक के बीच कोई संबंध था या नहीं। पुलिस का मानना है कि युवक की पहचान होने के बाद इस मामले की कई अहम बातें सामने आ सकती हैं। शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने शैली के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और उसके आने-जाने की जानकारी जुटाई है। जांच में सामने आया कि लापता होने के बाद शैली दीघा गई थी। इसके बाद उसके भागलपुर और पटना जाने की जानकारी भी मिली है। पुलिस इन यात्राओं के पीछे की वजह जानने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा शैली के परिजनों और दोस्तों से भी पूछताछ की गई है, ताकि उसके संपर्क में रहने वाले लोगों और उसके लापता होने से पहले की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल सके। हालांकि, अब तक पुलिस को ऐसा ठोस सुराग नहीं मिला है, जिससे युवक की पहचान हो सके और प्रेम प्रसंग की थ्योरी की पुष्टि हो पाए। दूसरी थ्योरी: हत्या के एंगल से भी जांच पुलिस इस मामले में हत्या की आशंका को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। शैली के परिजनों ने बताया है कि वह मोबाइल फोन का काफी इस्तेमाल करती थी और साइबर फ्रॉड के चंगुल में भी फंसी हुई थी। परिजनों के मुताबिक, उसके लापता होने के बाद एक अनजान नंबर से दुबई से फोन आया था। फोन करने वाला व्यक्ति 10 हजार रुपये की वसूली के लिए दबाव बना रहा था। इस जानकारी के बाद पुलिस ने साइबर फ्रॉड और पैसों के लेन-देन के एंगल पर भी जांच की। शैली और उसके परिजनों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई गई। जांच में अब तक कुल करीब 20 हजार रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस लेन-देन और शैली की मौत के बीच कोई संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं पैसों के लेन-देन या साइबर ठगी का इस घटना से कोई संबंध तो नहीं है। फिलहाल हत्या की आशंका को लेकर भी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। दो सिम कार्ड का इस्तेमाल, संदिग्ध नंबर नहीं मिला जांच में यह भी सामने आया है कि शैली अपने मोबाइल फोन में दो सिम कार्ड का इस्तेमाल करती थी। पुलिस ने उन नंबरों की भी जांच की, जिन पर शक होने की आशंका थी। हालांकि, जांच के दौरान ऐसे नंबर सामने नहीं आए, जिन्हें फिलहाल संदिग्ध माना जा सके। कॉल हिस्ट्री के अनुसार, शैली की आखिरी बातचीत भी उसके परिजनों से ही हुई थी। इससे जांच और उलझ गई है। पुलिस मोबाइल फोन से जुड़ी जानकारी के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शैली लापता होने के बाद किन लोगों के संपर्क में थी और उसकी आखिरी गतिविधियां क्या थीं। IPDR रिपोर्ट का इंतजार, पुलिस को जल्द खुलासे की उम्मीद मामले की जांच को लेकर सदर-1 के एसडीपीओ मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही मामले का पता चल जाएगा। फिलहाल, IPDR (इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकाला जा रहा है। इसके जरिए व्हाट्सऐप कॉलिंग से जुड़ी जानकारी मिलने की उम्मीद है। एसडीपीओ के अनुसार, यह रिपोर्ट अभी नहीं आई है। युवक की पहचान करना अहम चुनौती पुलिस के सामने युवक की पहचान करना सबसे अहम चुनौती है। युवक की पहचान होने पर उसके और शैली के बीच संबंध, घटना से पहले की गतिविधियों और दोनों की मौत से जुड़े सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। वहीं, शैली के परिवार को अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि उनकी बेटी के साथ आखिर क्या हुआ था। पिता संजीव कुमार प्रजापति का आरोप है कि गुमशुदगी की शिकायत के बाद पुलिस ने उनकी बेटी को खोजने में गंभीरता नहीं दिखाई। परिवार चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी ने शैली की हत्या की है तो उसे जल्द गिरफ्तार किया जाए। फिलहाल, दोनों की मौत के पीछे की असली वजह का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।



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