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FSSAI Action: Cases Against Dodla Dairy, Priyagold & UEIR Organic Foods


3 मिनट पहले

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फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी FSSAI ने खाने-पीने की चीजों में गंभीर गड़बड़ी मिलने के बाद तीन बड़ी कंपनियों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने की कानूनी कार्रवाई शुरू की है। इनमें प्रियागोल्ड बिस्किट बनाने वाली कंपनी ‘सूर्या फूड एंड एग्रो’, ‘डोडला डेयरी’ और ‘UEIR ऑर्गेनिक फूड्स’ शामिल हैं।

FSSAI को बिस्किट में जानवरों के खाने वाला चोकर, दूध में डिटर्जेंट व कास्टिक सोडा और किशमिश में खतरनाक पेस्टीसाइड के अवशेष मिले हैं। FSSAI ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इन तीनों कंपनियों पर मामला शुरू करने की जानकारी दी है।

प्रियागोल्ड बिस्किट: फाइबर बढ़ाने के लिए मवेशियों का चोकर मिलाया

FSSAI को एक ग्राहक से शिकायत मिली थी कि प्रियागोल्ड बिस्किट बनाने में लापरवाही बरती जा रही है। शिकायत के बाद जब फूड सेफ्टी टीम ने सूर्या फूड एंड एग्रो के प्लांट का निरीक्षण किया, तो वहां खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता की गंभीर कमियां सामने आईं।

जांच रिपोर्ट के अनुसार कंपनी बिस्किट में फाइबर का सोर्स बढ़ाने के लिए जिस चोकर का इस्तेमाल कर रही थी, वह इंसानों के खाने के लायक नहीं था। वह चोकर मवेशियों के चारे के लिए तैयार किया गया था।

इसके अलावा प्लांट में साफ-सफाई, पेस्ट कंट्रोल, कर्मचारियों की स्वच्छता और चीजों के रख-रखाव में भी अनियमितताएं पाई गईं। FSSAI ने पहले कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था और अब अदालत में मुकदमा चलाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मवेशियों के चोकर से नुकसान: मायकोटॉक्सिन और फंगल इंफेक्शन का खतरा, पाचन संबंधी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

डोडला डेयरी: फुल क्रीम दूध में मिला डिटर्जेंट और कास्टिक सोडा

दूसरा मामला डोडला डेयरी से जुड़ा है। FSSAI की टीम ने जांच के लिए डोडला डेयरी के ‘फुल क्रीम मिल्क’ का सैंपल लिया था। फूड एनालिस्ट ने शुरुआती जांच में दूध में फैट की मात्रा तय सीमा से कम पाए जाने पर इसे सब-स्टैंडर्ड यानी घटिया गुणवत्ता का घोषित किया था।

कंपनी ने इस फैसले के खिलाफ अपील की, जिसके बाद सैंपल को ‘रेफरल फूड लैबोरेटरी’ भेजा गया। रेफरल लैब की जांच में खुलासा हुआ कि दूध न केवल सब-स्टैंडर्ड था, बल्कि इसमें डिटर्जेंट और कास्टिक सोडा की मौजूदगी के कारण यह हेल्थ के लिए पूरी तरह ‘असुरक्षित’ था। लैब रिपोर्ट के आधार पर डोडला डेयरी और इसके निर्माण व मार्केटिंग से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मंजूरी दे दी है।

दूध में डिटर्जेंट/कास्टिक सोडा के नुकसान: पेट में अल्सर, आंतों को नुकसान, लिवर और किडनी पर गंभीर असर पड़ सकता है।

UEIR ऑर्गेनिक फूड्स: पीली किशमिश में मिला खतरनाक पेस्टीसाइड का असर

तीसरी कार्रवाई UEIR ऑर्गेनिक फूड्स के खिलाफ की गई है। FSSAI ने कंपनी द्वारा बेची जा रही ‘येलो रेजिन्स’ यानी पीली किशमिश का सैंपल लेकर लैब में टेस्ट कराया था।

लैब रिपोर्ट में किशमिश के अंदर तय मानकों से अधिक पेस्टीसाइड रेसिड्यू यानी कीटनाशक के अवशेष पाए गए। ऑर्गेनिक यानी जैविक के नाम पर बेचे जा रहे प्रोडक्ट में केमिकल और पेस्टीसाइड मिलना फूड सेफ्टी नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसके लिए FSSAI ने कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

किशमिश में पेस्टीसाइड से नुकसान: लंबे समय तक सेवन से हार्मोन और नर्वस सिस्टम पर असर पड़ सकता है।

फूड सेफ्टी एक्ट 2006: असुरक्षित खाना बेचने पर सजा

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 (FSS Act 2006) के तहत घटिया या असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचना अपराध है। दूध में डिटर्जेंट और बिस्किट में जानवरों का चोकर मिलाना भोजन को ‘असुरक्षित’ श्रेणी में लाता है।

इस कानून के तहत संबंधित कंपनियों का लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भारी जुर्माना और कोर्ट ट्रायल के बाद जेल की सजा का प्रावधान है। FSSAI ने साफ किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



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