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BJP विधायक के प्रतिनिधि शैलेश मिश्रा साइबर ठगी में गिरफ्तार:गुजरात में 10.20 लाख की धोखाधड़ी का आरोप, एक सप्ताह पहले 3 और युवक पकड़े गए




बक्सर सदर के भाजपा विधायक आनंद मिश्रा के नगर परिषद प्रतिनिधि शैलेश मिश्रा को गुजरात पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में गिरफ्तार किया है। दाहोद जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने उन्हें बक्सर के फुआ घाट के पास से पकड़ा और अपने साथ गुजरात ले गई। उन पर शेयर बाजार में निवेश के नाम पर एक व्यवसायी से 10.20 लाख रुपए की कथित ठगी से जुड़े मामले में संलिप्त होने का आरोप है। बक्सर के नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इस मामले में करीब एक सप्ताह पहले भी गुजरात पुलिस बक्सर जिले के तीन युवकों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई थी। इनमें दीपू पांडेय, शमीम अंसारी और धर्मेंद्र यादव शामिल हैं। इन पर कथित तौर पर ठगी की रकम मंगाने के लिए अपने बैंक खाते किराये पर देने का आरोप है। व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर निवेश का दिया लालच गुजरात के दाहोद साइबर क्राइम थाने में इस मामले में प्राथमिकी संख्या 11821021260005 दर्ज है। शिकायतकर्ता दाहोद जिले के झालोद निवासी 34 वर्षीय व्यवसायी प्रीतमकुमार कांतुभाई सांगड़ा हैं। प्राथमिकी के अनुसार, शिकायतकर्ता को ‘INDIA REPUBLIC VENTURE’ नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार में भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। इसके बाद उन्हें ‘BR NOVA’ नाम का ऐप डाउनलोड कराकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। पहले 20 हजार, फिर 10 लाख रुपए किए ट्रांसफर शिकायत के मुताबिक, व्यवसायी ने 6 जुलाई 2026 को UPI के जरिए 20 हजार रुपए ट्रांसफर किए। ऐप पर 1,261 रुपए का मुनाफा दिखने के बाद उन्होंने 7 जुलाई को बंधन बैंक के एक खाते में RTGS के माध्यम से 10 लाख रुपए जमा किए। इस तरह कुल 10 लाख 20 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। रकम निकालने पर मांगे 2.40 लाख रुपए प्राथमिकी के अनुसार, 13 जुलाई को व्यवसायी ने ऐप से अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो ‘Withdrawal Did Not Pass’ का संदेश आया। इसके बाद 20 प्रतिशत टैक्स और सर्विस शुल्क के नाम पर उनसे 2 लाख 40 हजार रुपए अतिरिक्त जमा करने को कहा गया। इस मांग के बाद उन्हें ठगी का संदेह हुआ और उन्होंने 14 जुलाई को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। तीन युवकों के बैंक खातों की भी जांच इस मामले से जुड़े कथित साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच के तहत करीब एक सप्ताह पहले गिरफ्तार किए गए दीपू पांडेय, शमीम अंसारी और धर्मेंद्र यादव के बैंक खातों की भी पड़ताल की जा रही है। उन पर ठगी की रकम मंगाने के लिए खाते किराये पर देने का आरोप है। शैलेश मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद मामले ने बक्सर में राजनीतिक चर्चा भी तेज कर दी है। हालांकि, गिरफ्तारी या प्राथमिकी में नाम आने मात्र से किसी की संलिप्तता अदालत में साबित नहीं होती। मामले में पुलिस की जांच जारी है।



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