14 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने विमल इलायची के विज्ञापन मामले में बॉलीवुड एक्टर्स शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के मुताबिक तीनों एक्टर्स ने नोटिस का जवाब दे दिया है और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
इसके साथ ही तुकाराम मुंढे ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और विज्ञापन करने वाले सभी सेलिब्रिटीज को भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि फूड सेफ्टी एक्ट के तहत भ्रामक या सरोगेट विज्ञापन करने पर सिर्फ कंपनी ही नहीं, बल्कि प्रचार करने वाले इन्फ्लुएंसर्स और एक्टर्स पर भी कार्रवाई होगी।

‘ब्रांड प्रमोट करने वाले इन्फ्लुएंसर्स को भी पूरी जानकारी होना जरूरी’
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने मीडिया से बातचीत में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि कानून में इन्फ्लुएंसर्स और ब्रांड एंडोर्स करने वालों के लिए नियम पहले से तय हैं।
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट (FSSAI) का सेक्शन 24 साफ कहता है कि अगर आप किसी प्रोडक्ट का प्रमोशन या एंडोर्समेंट कर रहे हैं, तो आपको उस प्रोडक्ट की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
प्रचार करने वाले व्यक्ति और इन्फ्लुएंसर की यह कानूनी जिम्मेदारी है कि वह प्रोडक्ट की प्रामाणिकता की जांच करे। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
‘इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज कानून से ऊपर नहीं’
कमिश्नर मुंढे ने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि चाहे कोई बड़ा बॉलीवुड स्टार हो या फिर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कानून की नजर में वे केवल विज्ञापनदाता (एडवरटाइजर) हैं। जो लोग यह तर्क देते हैं कि सारी जिम्मेदारी केवल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी की है, वे पूरी तरह गलत हैं।
नैतिक और कानूनी दोनों तरह से विज्ञापन करने वाले पर जिम्मेदारी तय होती है। एफएसएसएआई के 2018 के एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स रेगुलेशन के तहत गलत दावा करने, भ्रामक जानकारी देने या सरोगेट ऐड बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

शाहरुख ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर सिगरेट या सॉफ्ट ड्रिंक्स खराब हैं, तो सरकार देश में उनकी बिक्री और उत्पादन ही रोक दे।
विमल इलायची के जरिए पान मसाला के सरोगेट ऐड का आरोप
FDA ने 11 अगस्त को शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस भेजा था। एजेंसी का आरोप है कि विमल इलायची का विज्ञापन असल में विमल पान मसाला का सरोगेट प्रमोशन (परोक्ष विज्ञापन) है।
महाराष्ट्र में गुटखा और पान मसाला की बिक्री पर प्रतिबंध है। एक्टर्स को जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया था। खाद्य सुरक्षा कानून की धारा 53 के तहत भ्रामक विज्ञापन का हिस्सा बनने या उसे प्रकाशित करने पर 10 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।
जवाब देने वाले एक्टर्स की होगी सुनवाई
कमिश्नर ने बताया कि जिन एक्टर्स ने नोटिस का जवाब दिया है और सुनवाई की मांग की है, उनकी बात सुनी जा रही है। इससे पहले शुरुआत में एक एक्टर की तरफ से जवाब न मिलने पर एडजुडिकेशन और प्रॉसिक्यूशन की कार्रवाई शुरू की गई थी। हालांकि अब तीनों अभिनेताओं के जवाब आ चुके हैं, जिसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

ये खबर भी पढ़ें
विमल इलायची विज्ञापन विवाद में घिरे शाहरुख-अजय:पुराने बयान चर्चा में; शाहरुख बोले थे- मेरी कमाई मत रोको, अजय ने कहा- बनाना बंद कर दो
नोटिस मिलने के बाद कलाकारों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों के प्रमोशन को लेकर पुराने बयान फिर चर्चा में आ गए हैं। शाहरुख खान और अजय देवगन पहले भी कह चुके हैं कि अगर कोई प्रॉडक्ट सेहत के लिए नुकसानदेह है, तो सरकार को उसके निर्माण और बिक्री पर ही रोक लगा देनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें

