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शेखपुरा में रसोइया संघ के बैनर तले सोमवार को रसोइयों ने BRC अरियरी पर धरना दिया। इसकी अध्यक्षता साबुजा देवी ने की, जबकि संचालन चिंता देवी ने किया। धरने में एक्टू नेता कमलेश प्रसाद, माले जिला सचिव विजय कुमार विजय और राजेश कुमार राय मौजूद रहे। 10 हजार मानदेय और बकाया भुगतान की मांग रसोइयों की मुख्य मांगों में सरकारी कर्मी का दर्जा, 10 हजार रुपये मानदेय और बकाया मानदेय का भुगतान शामिल है। संघ ने बताया कि आगामी 6 अक्टूबर को पटना में मुख्यमंत्री के समक्ष रसोइयों का प्रदर्शन किया जाएगा। साबुजा देवी ने कहा कि सरकार को रसोइयों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को 12 महीने का वेतन मिलता है, जबकि रसोइयों को सिर्फ 10 महीने का मानदेय दिया जाता है। तीन महीने से मानदेय नहीं मिलने का दावा कमलेश प्रसाद ने बताया कि तीन महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण त्योहारों के समय रसोइया परिवारों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति है। उन्होंने कहा कि 9 घंटे काम करने के बावजूद रसोइयों को सिर्फ 10 महीने का मानदेय मिलता है। उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा, सेवानिवृत्ति लाभ, ड्रेस और EPF-ESI जैसी सुविधाएं भी नहीं मिलती हैं। उन्होंने रसोइयों से 6 अक्टूबर को पटना में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। चार श्रम कोड वापस लेने की मांग जिला सचिव विजय कुमार विजय ने कहा कि उनके अनुसार चार श्रम कोड लागू होने से मजदूरों को लंबे समय से मिले अधिकार प्रभावित होंगे और काम के घंटे बढ़ेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे मालिकों की मनमानी बढ़ेगी और मजदूरों को कभी भी काम से हटाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि चारों श्रम कोड वापस लेने तक लड़ाई जारी रहेगी। धरने को माले नेता राजेश कुमार राय, रेखा देवी, ममता देवी, धनमुनि देवी, कमली देवी और सारधा देवी समेत अन्य लोगों ने संबोधित किया।
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शेखपुरा में रसोइयों ने सरकारी दर्जे की मांग उठाई:3 महीने से भुगतान नहीं मिलने का दावा; 6 अक्टूबर को पटना में प्रदर्शन का ऐलान
