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सहरसा के सदर थाना क्षेत्र के गौतम नगर में 25 वर्षीय अभिजीत सिंह उर्फ अभिजीत कुमार की गोली मारकर हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया। पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य नामजद आरोपी और मृतक के दोस्त आर्यन कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों एक बर्थडे पार्टी में साथ गए थे और लौटकर अभिजीत के घर आए थे। इसी दौरान हथियारों की पूजा के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ और गोली चलने से अभिजीत की मौत हो गई। बंद कमरे में मिला था शव अभिजीत का शव शुक्रवार दोपहर गौतम नगर स्थित उसके मकान के बंद कमरे में मिला था। उसके सिर में गोली लगी थी और चेहरे पर तकिया रखा हुआ था। घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य जुटाए। बुलेट, मोबाइल और नकदी भी गायब परिजनों के मुताबिक, हत्या के बाद अभिजीत की बुलेट बाइक, सोने की चेन, पर्स, दो मोबाइल और घर में रखे करीब सात लाख रुपये गायब थे। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने हत्या के साथ सामान गायब होने के बिंदु पर भी जांच शुरू की। भाई ने आर्यन और शंतू पर लगाया था आरोप मृतक के छोटे भाई अनंत कुमार ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि अभिजीत ने पहले पंचवटी चौक निवासी शंतू सिंह द्वारा 10 लाख रुपये में हत्या की साजिश रचने की बात बताई थी। अनंत ने आर्यन कुमार सिंह और शंतू सिंह पर मिलकर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। पुलिस के अनुसार, अभिजीत और आर्यन एक बर्थडे पार्टी में साथ गए थे। वहां से दोनों अभिजीत की बुलेट बाइक से गौतम नगर स्थित मकान पर लौटे और एक ही कमरे में सो गए। सुबह पहुंचा आर्यन का एक और दोस्त पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब चार बजे आर्यन का एक अन्य दोस्त भी वहां पहुंचा। इसके बाद सभी ने अपने-अपने पिस्टल निकाले और विश्वकर्मा पूजा को लेकर हथियारों की पूजा की। इसी दौरान अभिजीत और आर्यन के बीच विवाद शुरू हो गया। लेनदेन के विवाद में चली गोली पुलिस के अनुसार, अभिजीत हथियारों के कारोबार से जुड़ा था और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। हथियारों के कारोबार को लेकर अभिजीत और आर्यन के बीच लेनदेन का विवाद चल रहा था। पुलिस का कहना है कि विवाद बढ़ने पर अभिजीत ने पहले अपने पिस्टल से आर्यन पर गोली चलाई। इसके जवाब में आर्यन ने अभिजीत के सिर में गोली मार दी। गोली मारने के बाद साथी के साथ फरार पुलिस के अनुसार, अभिजीत को गोली मारने के बाद आर्यन और उसका साथी मौके से फरार हो गए। इसके बाद अभिजीत का शव उसी कमरे में पड़ा रहा। पुलिस अब घटना के दौरान मौजूद अन्य लोगों और फरार आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। SIT ने तकनीकी और मानवीय इनपुट जुटाए घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर विशेष जांच और छापेमारी टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। एफएसएल जांच के साथ पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं। 24 घंटे में मुख्य आरोपी गिरफ्तार सदर थाना कांड संख्या 1155/2026 दर्ज करने के बाद सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान और पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य नामजद आरोपी आर्यन कुमार सिंह, निवासी बरुआरी वार्ड-8, थाना लौकहा, सुपौल को गिरफ्तार कर लिया। अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने रविवार शाम प्रेस वार्ता में हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस गिरफ्तार आर्यन से पूछताछ कर रही है। घटना में शामिल अन्य लोगों, हथियारों और गायब सामान के संबंध में भी जांच जारी है। परिवार की ओर से लगाए गए शंतू सिंह से जुड़े आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है।
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अभिजीत हत्याकांड-'दोस्त ही निकला हत्यारा':सहरसा में 24 घंटे में खुलासा, हथियारों की पूजा के दौरान विवाद; 7 लाख रुपये भी लूटे
