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मेदिनीपुर से मुजफ्फरपुर ‘शहीद खुदीराम बोस एक्सप्रेस’ चलाने की मांग:प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय राज्य मंत्री राजभूषण से की मुलाकात, कठघरा भी संरक्षित करने की डिमांड




पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर से अमर शहीद खुदीराम बोस की स्मृतियों को संजोने की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को मुजफ्फरपुर पहुंचा। मेदिनीपुर निवासी अरिंदम भौमिक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी से सर्किट हाउस में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुजफ्फरपुर और मेदिनीपुर के बीच सीधे रेल संपर्क के लिए ‘शहीद खुदीराम बोस एक्सप्रेस’ नाम से नई ट्रेन चलाने की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि खुदीराम बोस जिस समय मेदिनीपुर से मुजफ्फरपुर पहुंचे थे, उस समय उन्हें भी अलग-अलग ट्रेनों से यात्रा करनी पड़ी थी। आज भी मेदिनीपुर से यहां आने वाले लोगों को इसी तरह अलग-अलग ट्रेनों का सहारा लेना पड़ता है। मांग पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि वे एक सप्ताह के भीतर रेल मंत्री से मुलाकात कर इस मांग को उनके समक्ष रखेंगे। जिस कठघरे में खड़े हुए थे खुदीराम, उसके संरक्षण की मांग प्रतिनिधिमंडल ने मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव से भी मुलाकात कर उस ऐतिहासिक कठघरे को संरक्षित करने की मांग की, जिसमें खुदीराम बोस के मुकदमे के दौरान सुनवाई हुई थी। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि वह कठघरा आज भी मौजूद है, लेकिन उसका उचित रखरखाव नहीं हो रहा है। अरिंदम भौमिक ने कहा कि वर्ष 2018 में जब वे मुजफ्फरपुर आए थे, तब उन्होंने उस पुराने कोर्ट परिसर का दौरा किया था, जहां खुदीराम बोस का मुकदमा चला था। वहां उन्हें जानकारी मिली कि वह कठघरा आज भी सुरक्षित है, जिसमें खड़े होकर खुदीराम बोस ने मुकदमे का सामना किया था। यह सिर्फ एक लकड़ी या लोहे का ढांचा नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की ऐतिहासिक विरासत है। इसे संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना जरूरी है। मंत्री ने डीएम से फोन पर की बात प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता से भी मुलाकात कर कठघरे के संरक्षण की मांग रखी। इस दौरान बताया गया कि इस मुद्दे को पहले भी उठाया गया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने मामले के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए तत्काल जिलाधिकारी कुमार गौरव से फोन पर बात की। जिलाधिकारी ने मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। खुदीराम बोस से जुड़ी स्मृतियां लेकर पहुंचे मेदिनीपुर के लोग मेदिनीपुर से आए प्रतिनिधिमंडल में रिंकी भौमिक, अरिन भौमिक, एरिक भौमिक, मेदिनीपुर केंद्रीय सुधार गृह के कल्याण पदाधिकारी अनिरुद्ध घोष और चिकित्सक डॉ. भवानी प्रसाद देव शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मेदिनीपुर से खुदीराम बोस से जुड़ी स्मृतियों और उनसे संबंधित सामग्री भी अपने साथ लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि मुजफ्फरपुर और मेदिनीपुर के बीच खुदीराम बोस के बलिदान से जुड़ा ऐतिहासिक रिश्ता है। इसे केवल स्मरण करने तक सीमित न रखकर दोनों शहरों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत किया जाना चाहिए।



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