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पूर्णिया में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एनसीसी कैडेट्स ने जागरूकता रैली निकाली। इसका उद्देश्य टीबी रोग के प्रति लोगों को जागरूक करना था। यह रैली डिफेंस लाइन से शुरू हुई। जो शहर के अलर-अलग मार्गों से होते हुए मेडिकल कॉलेज तक पहुंची। जागरूकता मार्च में कुल 29 एनसीसी कैडेट्स ने अपने पीआई (परमानेंट इंस्ट्रक्टर) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में भाग लिया। रैली के दौरान, कैडेट्स ने हाथों में बैनर और तख्तियां ले रखी थी, जिस पर रोग से बचाव और सतर्कता संबंधी संदेश लिखे थे। लंबे समय तक बुखार, खांसी रहने पर परेशानी बढ़ती है एनसीसी कैडेट शालमली कुमारी ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है। जो माइकोबैक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। कमजोर इम्यून सिस्टम और पोषण की कमी वाले व्यक्तियों में इसका प्रभाव अधिक देखने को मिलता है। मुख्य लक्षणों में लंबे समय तक बुखार, लगातार खांसी, छींक आना, रात में पसीना आना और शरीर में कमजोरी महसूस होना शामिल है। बचाव और सावधानी के लिए जागरूकता रैली में शामिल एनसीसी कैडेट ने बताया कि टीबी ऐसी बीमारी नहीं है , जिसका इलाज संभव नहीं । अगर किसी व्यक्ति को 4 सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी या छींक की समस्या है, तो उसे तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। सही खान-पान, बेहतर पोषण और स्वच्छता का ध्यान रखकर इस बैक्टीरिया के प्रभाव को रोका जा सकता है। यहा कोई लाइलाज या डरावनी बीमारी नहीं है। डॉक्टर के मार्गदर्शन में सही समय पर इलाज और सावधानियां बरतने से यह पूरी तरह ठीक हो सकती है।
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पूर्णिया में एनसीसी कैडेट्स ने निकाली जागरूकता रैली:टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत दिया बचाव का संदेश; लोगों से सावधानी बरतने की अपील
