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पूर्णिया में नवजात की मौत पर परिजनों का हंगामा:डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप; स्टाफ से मारपीट, क्लिनिक के संचालन पर उठे सवाल




पूर्णिया के लाइन बाजार स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल में गुरुवार को नवजात बच्ची की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। गुस्साए लोगों ने क्लिनिक परिसर में बवाल करते हुए स्टाफ के साथ मारपीट भी की। परिजनों का आक्रोश बढ़ता देख डॉक्टर और क्लिनिक के कर्मचारी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर के. हाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पीड़ित परिवार ने इस मामले में थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ऑपरेशन के बाद डॉक्टर की सलाह पर भर्ती किया सदर थाना क्षेत्र के आनंद नगर निवासी बिहू कुमार ने बताया कि 4 अगस्त बहन काजल कुमारी ने ऑपरेशन के जरिए से एक बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची के जन्म के बाद डॉ. अंजना सिन्हा ने नवजात एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मो. रज्जाक के लाइन बाजार स्थित क्लिनिक में भर्ती कराने की सलाह दी। डॉक्टर की सलाह पर बच्ची को उसी क्लिनिक में भर्ती करा दिया। आरोप है कि क्लिनिक में नवजात के इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस को दिए गए आवेदन में परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि डॉ. मो. रज्जाक क्लिनिक में मौजूद नहीं रहते हैं। उनकी गैर मौजूदगी में कुछ नौसिखिए युवक बच्चों का इलाज करते हैं। जमकर हंगामा, बरसने लगे थप्पड़ बच्ची की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। गुस्साए लोगों ने अस्पताल कर्मी को जमकर पीटा। गुस्साई भीड़ अस्पताल कर्मी पर थप्पड़ बरसाते नजर आए। अस्पताल से कर्मचारी फरार मामला बिगड़ता देख अस्पताल के कर्मी और स्टाफ मौका देखकर फरार हो गए। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने फर्जी तरीके से क्लिनिक संचालित करने वालों और इलाज में कथित लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। क्लिनिक के संचालन पर उठे गंभीर सवाल स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि डॉ. मो. रज्जाक कई वर्षों पहले इस क्लिनिक को छोड़ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके नाम पर क्लिनिक का संचालन किया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। पुलिसिया कार्रवाई से पहले हो गया मामला रफा दफा वहीं, के. हाट थानाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ था। हालांकि, पुलिस जांच शुरू होने से पहले ही क्लिनिक के स्टाफ और परिजनों के बीच आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया गया। इसके बावजूद पुलिस अपने स्तर पर संज्ञान में लेकर आवश्यक प्रक्रिया का पालन कर रही है।



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