लहर-लहर:खदानें, इमारतें, कारखाने नहीं… मुल्क की सबसे बड़ी दौलत नौजवान होते हैं
जब मैंने काम शुरू किया, तब मैं अपने से बड़ों के बीच था। मैंने सिप्पी फिल्म्स जॉइन की थी। रमेश सिप्पी साहब की ‘अंदाज’ बन रही थी। उस वक्त मेरी उम्र पच्चीस साल थी और रमेश जी छब्बीस के थे। लेकिन हमारे आसपास लगभग सभी हमसे उम्र में बड़े थे। उनसे हमने सीखा, उन्हें देखा,…
