![]()
अररिया में विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत शुक्रवार को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोदभराई एवं स्तनपान दिवस का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती और धात्री माताओं के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों को मातृ एवं शिशु पोषण, स्तनपान तथा नवजात शिशु की देखभाल के प्रति जागरूक करना था। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाओं और स्थानीय समुदाय ने सक्रिय भागीदारी की। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी कविता कुमारी ने किरकिचिया पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 12102 (आदिवासी टोला) का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए निर्देश दिए और लाभार्थियों से संवाद कर उन्हें स्वास्थ्य व पोषण संबंधी जानकारी प्रदान की। आयोजन के दौरान गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोदभराई की रस्म भी पूरी की गई। इस अवसर पर उन्हें गर्भावस्था में संतुलित व पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, सुरक्षित मातृत्व और संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में बताया गया। मां का पहला दूध पिलाने के महत्व पर दिया जोर स्तनपान दिवस पर नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद मां का पहला दूध पिलाने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बताया कि मां का पहला दूध नवजात के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच है, जो शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और संक्रमण से बचाव में सहायक होता है। माताओं को जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने और पहले छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, छह माह पूरे होने के बाद स्तनपान जारी रखते हुए पौष्टिक पूरक आहार शुरू करने की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में पोषण, स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई, शिशु की वृद्धि निगरानी और मातृ-शिशु स्वास्थ्य जैसे विभिन्न विषयों पर भी जागरूकता फैलाई गई। अधिकारियों और सेविकाओं ने परिवार के सदस्यों से माताओं को सहयोग देने की अपील की। इस कार्यक्रम के माध्यम से ‘मां का पहला दूध, शिशु का पहला टीका’ का संदेश दिया गया। स्वस्थ मां और बच्चे के लिए उचित पोषण, समय पर स्तनपान और नियमित स्वास्थ्य देखभाल को जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
Source link
अररिया में मनाया गया विश्व स्तनपान सप्ताह:आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोदभराई-स्तनपान दिवस, माताओं को पोषण के प्रति किया जागरूक
