![]()
खगड़िया के अलौली प्रखंड की चेराखेरा पंचायत के उत्तरी बहोरवा और दक्षिणी बहोरवा गांवों में बागमती नदी का कटाव गंभीर चिंता का विषय बन गया है। नदी के तेजी से हो रहे कटाव से खेती योग्य जमीन, आवासीय क्षेत्र और सड़क संपर्क पर खतरा मंडरा रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है। सांसद वर्मा ने 6 अगस्त को जिलाधिकारी को भेजे अपने पत्र में बताया कि दोनों गांवों के ग्रामीण लगातार बागमती नदी के कटाव की शिकायत कर रहे हैं। कटाव की रफ्तार बढ़ने से बड़ी संख्या में किसानों की उपजाऊ जमीन नदी में समाती जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आवासीय क्षेत्र, ग्रामीण सड़कें और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी कटाव की चपेट में आ सकती हैं, जिससे बड़ी आबादी प्रभावित होगी। कटावरोधी कार्य शुरू करने का निर्देश सांसद ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि जनहित को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभाग को तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू करने का निर्देश दिया जाए। साथ ही, उन्होंने तकनीकी टीम से स्थल का सर्वेक्षण कराकर स्थायी एवं प्रभावी कटावरोधी उपाय सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि ग्रामीणों की जमीन, घर और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा हो सके। वर्मा ने प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से भी अवगत कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा और विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और जनहित से जुड़े हर मुद्दे को प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाकर समाधान के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा। बागमती नदी का कटाव समस्या इधर, उत्तरी बहोरवा और दक्षिणी बहोरवा के ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बागमती नदी का कटाव उनके लिए एक बड़ी समस्या बन जाता है। समय पर कटावरोधी कार्य नहीं होने के कारण उनकी खेती की जमीन धीरे-धीरे नदी में विलीन होती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र स्थायी समाधान की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो कई परिवारों के सामने विस्थापन का संकट खड़ा हो सकता है। बागमती नदी के कटाव की तस्वीरें…..
Source link
खगड़िया में बागमती कटाव से उत्तरी-दक्षिणी बहोरवा पर संकट:सांसद राजेश वर्मा ने डीएम से तत्काल कार्रवाई की मांग की
