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मोकामा रेफरल अस्पताल की जर्जर इमारत मरीजों, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए खतरा बन गई है। अस्पताल की छत और छज्जों से लगातार प्लास्टर और कंक्रीट टूटकर गिर रहे हैं। कई मरीज और कर्मचारी इसकी चपेट में आकर घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद अब तक भवन की मरम्मत नहीं कराई गई है। हाल ही में अस्पताल के एक एक्स-रे टेक्निशियन भी छत का प्लास्टर गिरने से घायल हो गए थे। अस्पताल कर्मियों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बारिश में और बदतर हो जाती है स्थिति बरसात के दौरान अस्पताल की हालत और खराब हो जाती है। छत से लगातार पानी टपकता है, जो सीढ़ियों से होते हुए ओपीडी और वार्ड तक पहुंच जाता है। इससे अस्पताल परिसर में जलभराव की स्थिति बन जाती है और मरीजों के इलाज में भी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन की जर्जर स्थिति के कारण मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। एक साल पहले भेजी थी रिपोर्ट, नहीं हुई कार्रवाई प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. वैद्यनाथ कुमार ने बताया कि उन्होंने करीब एक साल पहले ही भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी थी। उस समय एक मुखिया के परिजन पर छज्जा टूटकर गिर गया था। इसके बावजूद अब तक मरम्मत का कोई काम शुरू नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वेटिंग एरिया में हमेशा मरीज और उनके परिजन बैठे रहते हैं, लेकिन वहीं आज भी छत से पानी टपक रहा है। कई बार छज्जा और प्लास्टर गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोग घायल हुए हैं। दो साल से है समस्या, लेकिन मरम्मत नहीं कराया गया डॉ. वैद्यनाथ कुमार ने बताया कि पिछले दो वर्षों से अस्पताल की यही स्थिति बनी हुई है। इलाज कराने आए कई लोगों के सिर और पैरों पर प्लास्टर गिर चुका है। एक व्यक्ति का पैर तक टूट गया था। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण विभाग को कई बार सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई मरम्मत कार्य नहीं कराया गया। एक्स-रे टेक्निशियन बोले- मेरे सिर पर भी गिर चुका है प्लास्टर अस्पताल के एक्स-रे टेक्निशियन ने बताया कि यहां आए दिन छत का प्लास्टर टूटकर गिरता है। एक बार उनके सिर पर भी प्लास्टर गिरा था, जिससे उनका सिर फट गया था। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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मोकामा रेफरल अस्पताल खुद 'बीमार', जर्जर भवन बना खतरा:छत-छज्जे गिरने से कई लोग घायल, डॉक्टर बोले-2 साल से मरम्मत की मांग, नहीं हुई कार्रवाई
