Headlines

पुस्तक-पठन मानव मस्तिष्क को एकाग्रता के साथ गहन चिंतन की शक्ति प्रदान करता है : प्रो. मुश्ताक




पुस्तक-पठन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि वर्तमान समय में, जब डिजिटल और अन्य तकनीकों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे दौर में पुस्तक-पठन के महत्व पर गंभीर चर्चा हो रही है और यह तथ्य सामने आ रहा है कि पुस्तक पढ़ना केवल मन को एकाग्र ही नहीं करता, बल्कि गहन चिंतन और विचार-शक्ति भी प्रदान करता है। इन विचारों का व्यक्ति सीएम कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर मुश्ताक अहमद ने किया। वे कॉलेज परिसर में नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया (एन.बी.टी.) द्वारा आयोजित पुस्तक प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। ज्ञात हो कि ट्रस्ट द्वारा पांच दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, जो 5 से 10 अगस्त 2026 तक कॉलेज के शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा आम जनता के लिए खुली रहेगी। प्रोफेसर अहमद ने कहा कि प्रदर्शनी में सैकड़ों शीर्षकों की पुस्तकें उपलब्ध हैं, जिनमें साहित्य, विज्ञान, इतिहास तथा अन्य विषयों पर प्रतिष्ठित लेखकों की हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू, मैथिली तथा अन्य भाषाओं की मौलिक एवं अनूदित पुस्तकें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हम एन.बी.टी. तथा विशेष रूप से बिहार के प्रभारी श्री मोहम्मद महफूज़ आलम के आभारी हैं कि उन्होंने हमारे कॉलेज में इस महत्त्वपूर्ण शैक्षणिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर कॉलेज के सभी शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं शामिल हुए। पुस्तक प्रदर्शनी की महत्ता एवं उपयोगिता पर प्रोफेसर श्रीवास्तव, डॉ. अबसार आलम, डॉ. विजय सेन पांडेय, डॉ. मिर्ज़ा रूहुल्लाह बेग, डॉ. पूजा शर्मा, डॉ. राठौर, डॉ. डेनिस शाह, डॉ. सरिता भवानी, डॉ. मसर्रत फ़ैज़ी, डॉ. पूनम कुमारी आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक एवं साहित्यिक पुस्तक प्रदर्शनी कॉलेज में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है। अंत में ट्रस्ट के प्रभारी अधिकारी श्री महफूज़ आलम ने कहा कि इस कार्यक्रम में जिस उत्साह और आनंद का परिचय दिया है, वह अत्यंत सराहनीय है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *