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“दीपावली कैसे मनाएंगे? सब कुछ ध्वस्त हो गया। बेटा अस्पताल में भर्ती है और यहां घर क्षतिग्रस्त हो गया। पैसे भी नहीं हैं। आसपास के घरों में लाइटें लग गई हैं, लेकिन हम अपने घर में क्या करें?” यह कहना है मुजफ्फरपुर के गोबरसही में पिछले दिनों हुए PNG पाइपलाइन ब्लास्ट हादसे की पीड़ित मंजू गुप्ता का। 2 नवंबर को गोबरसही-डुमरी रोड इलाके में PNG गैस पाइपलाइन में ब्लास्ट हुआ था। हादसे में कई घर और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के पांच दिन बाद प्रभावित परिवार अपने घरों में नहीं लौट पाए हैं। कई लोग रिश्तेदारों तो कुछ किराये के मकानों में रह रहे हैं। इलाके में पटाखे की आवाज सुनकर भी लोग सहम जा रहे हैं। हादसे के बाद गोबरसही-डुमरी रोड के घरों और दुकानों को कितना नुकसान पहुंचा? मंजू गुप्ता के बेटे के इलाज और टूटे घर के बीच परिवार किस हालत में है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 2 नवंबर को PNG पाइपलाइन में हुआ था ब्लास्ट मुजफ्फरपुर शहर के गोबरसही-डुमरी रोड इलाके में 2 नवंबर को PNG गैस पाइपलाइन में ब्लास्ट हुआ था। इस घटना में आसपास के कई घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा था। किसी मकान की दीवार टूट गई, तो किसी के घर की खिड़कियां और अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, कुछ दुकानों को भी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद प्रभावित परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े। कई लोग रिश्तेदारों के यहां रहने चले गए, जबकि कुछ ने किराये के मकानों में ठिकाना बना लिया। घटना के चार-पांच दिन बीत जाने के बाद भी कई परिवार अपने घरों में वापस नहीं लौटे हैं। छोटी दीपावली पर प्रभावित इलाके में अंधेरा छोटी दीपावली की रात मुजफ्फरपुर शहर के दूसरे हिस्सा रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगा रहे हैं। बाजारों में भी त्योहार की तैयारियां चल रही हैं। लेकिन गोबरसही के डुमरी रोड इलाके में ब्लास्ट से प्रभावित करीब 100 से 200 मीटर के दायरे में कई घरों पर न तो लाइटें लगी हैं और न ही दीपावली की सजावट दिख रही है। जिन घरों में हर साल दीपावली पर रंग-बिरंगी लाइटों की लड़ियां सजती थीं, वहां इस बार अंधेरा पसरा है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि घर क्षतिग्रस्त होने और दूसरी जगह रहने की मजबूरी के कारण वे इस बार त्योहार की तैयारी नहीं कर पाए हैं। बेटा अस्पताल में भर्ती, ब्लास्ट में घर भी क्षतिग्रस्त मंजू गुप्ता का घर भी गैस ब्लास्ट में क्षतिग्रस्त हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे को 25 अगस्त को ब्रेन हेमरेज हुआ था। 26 अगस्त को उसे मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह कोमा में चला गया था। इलाज के दौरान उसके सिर की सर्जरी हुई और बाद में दोबारा ऑपरेशन करना पड़ा। मंजू के मुताबिक, इसी बीच गैस पाइपलाइन में ब्लास्ट हो गया और उनका घर भी क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के दिन अगर बेटा घर में होता तो उसे लेकर कहां भागतीं, यह सोचकर डर लगता है। फिलहाल हम लोग रिश्तेदार के यहां रह रहा है। पहले हर दीपावली में घर को लाइटों और लड़ियां से सजाते थे। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। बेटे का इलाज चल रहा है और घर को भी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में त्योहार मनाने की स्थिति नहीं है। नौवीं के छात्र अनुराग के घर में भी नहीं होगी सजावट ब्लास्ट में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले अनुराग का मकान भी टूट गया है। उसने बताया कि पिछले साल दीपावली पर घर में रंगोली बनाई थी, पटाखे छोड़े थे और सजावट की थी। इस बार परिवार को दूसरे के घर में रहना पड़ रहा है। अनुराग के मुताबिक, इस बार घर में न रंगोली बनेगी और न पटाखे छोड़े जाएंगे। उसने कहा कि घर टूटने के बाद अब त्योहार मनाने की इच्छा भी नहीं हो रही है। पटाखे की आवाज सुनकर सहम जाते हैं लोग स्थानीय दुकानदार अरविंद कुमार ने बताया कि धनतेरस और दीपावली के मौके पर उनकी दुकान में ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी। लेकिन इस बार बिक्री प्रभावित हुई है। हादसे के बाद लोग खरीदारी के लिए दुकान पर नहीं पहुंच रहे हैं। अरविंद के मुताबिक, इलाके के लोगों में अब भी डर बना हुआ है। पटाखों की आवाज सुनकर उन्हें ब्लास्ट की याद आ जाती है। उन्हें आशंका रहती है कि कहीं लोग दोबारा धमाके की आवाज समझकर घबरा न जाएं। उन्होंने कहा कि इस बार बाजार में पहले जैसी रौनक नहीं है। छठ भी विधि-विधान तक सीमित रहेगा राजू गुप्ता ने बताया कि ब्लास्ट के बाद हमारे इलाके में कई घरों में अंधेरा है। ऐसे माहौल में दीपावली मनाने की खुशी नहीं है। इस बार वे दीपावली नहीं मनाएंगे। छठ पूजा भी पहले की तरह नहीं कर पाएंगे। राजू के मुताबिक, पूजा की परंपरा निभाने के लिए किसी तरह विधि-विधान पूरा करेंगे, लेकिन इस बार उत्सव की तरह छठ नहीं मना पाएंगे। रिश्तेदारों और किराये के मकानों में रह रहे प्रभावित परिवार ब्लास्ट के बाद कई परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। कुछ लोग रिश्तेदारों के यहां रह रहे हैं, जबकि कुछ ने किराये के मकानों में शरण ली है। दीपावली के दिन इनमें से कुछ लोग पूजा की परंपरा निभाने के लिए अपने घर पहुंचेंगे। वे यम का दीया जलाकर वापस लौट जाएंगे। प्रभावित लोगों का कहना है कि घरों की दीवारें और दूसरे हिस्से क्षतिग्रस्त हैं। परिवारों को अभी सुरक्षित जगह पर रहना पड़ रहा है। ऐसे में लाइट लगाने और सजावट करने की तैयारी नहीं हो सकी है।
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'बेटा हॉस्पिटल में भर्ती, ब्लास्ट में घर ध्वस्त':पीड़ित महिला बोली- कैसे मनाएंगे दीपावली; मुजफ्फरपुर पाइपलाइन ब्लास्ट के बाद से मोहल्ले में पसरा सन्नाटा
