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मधुबनी के बाबूबरही प्रखंड स्थित बलिराजगढ़ में पुलिस गोलीकांड के विरोध में शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को भाकपा-माले ने प्रतिवाद मार्च निकाला। पार्टी की मधुबनी जिला कमेटी के नेतृत्व में निकला मार्च समाहरणालय पहुंचकर सभा में बदल गया।
जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण के नेतृत्व में मार्च मधुबनी रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ। यह प्रधान डाकघर होते हुए समाहरणालय पहुंचा। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गोलीकांड की निंदा करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और मुआवजे की मांग की।
भाकपा-माले ने गोलीकांड में मारे गए अशोक यादव के परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। पार्टी ने घायलों का मुफ्त इलाज कराने और हर घायल को एक लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग की।
पार्टी ने घटना के लिए जिम्मेदार पुलिस सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) को तुरंत गिरफ्तार करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही, स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषी को फांसी की सजा दिलाने की मांग उठाई।
सभा में ध्रुव नारायण कर्ण ने भाजपा-जदयू की सम्राट चौधरी सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस आम नागरिकों पर गोली चलाने से भी पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने बलिराजगढ़ की घटना को पुलिस की निरंकुशता का नतीजा बताया।
कर्ण ने कहा कि पुलिस की गोली से एक व्यक्ति की मौत और कई लोगों के घायल होने से लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। उन्होंने बताया कि 7 नवंबर को भाकपा-माले की विधान परिषद सदस्य शशि यादव, पूर्व विधायक सत्यदेव राम और राज्य कमेटी सदस्य बैद्यनाथ यादव समेत राज्य और जिला स्तर के दर्जनों नेता बलिराजगढ़ जाएंगे।
वे पीड़ित परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएं और मांगें जानेंगे और न्याय की लड़ाई आगे बढ़ाएंगे।
मार्च और सभा में श्याम पंडित, भूषण सिंह, विशंभर कामत, योगनाथ मंडल, नवल किशोर यादव, उत्तिम पासवान, कामेश्वर राम, मदन चंद्र झा, सुनीता सदाय और मोहम्मद इमरान समेत सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
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भाकपा-माले ने बलिराजगढ़ गोलीकांड के खिलाफ मार्च निकाला:मृतक के परिवार को 20 लाख मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की
