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किशनगंज जिले के पांचगांछी गांव में बीते दो दिनों से लगातार तेंदुए के हमले को लेकर फैली खबर महज अफवाह निकली। सूचना मिलने पर वन प्रमंडल पदाधिकारी चंचल प्रकाशम स्वयं गांव पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर मामले की जानकारी ली। जांच में तेंदुए से हमले की खबर सही नहीं पाई गई है। जानवर से जान को कोई खतरा नहीं वन विभाग के अनुसार ग्रामीणों से बातचीत में पता चला है कि देखा गया जानवर तेंदुआ नहीं, बल्कि सिवेट कैट प्रजाति का है, जिसे आम भाषा में बम बिलार भी कहा जाता है। यह बिल्ली की तरह का जानवर होता है, जिसकी खाल थोड़ी-बहुत तेंदुए से मिलती-जुलती है। विभाग ने बताया कि इस जानवर से जान को कोई खतरा नहीं है। यह काफी शर्मीली प्रजाति होती है और केवल अपने बचाव में नजदीक जाने पर नाखून से हल्की खरोंच मार सकती है। बच्चों को दूर रखने की अपील ग्रामीणों को इसके बारे में जागरूक किया गया है और बच्चों को इससे दूर रखने की सलाह दी गई है। साथ ही कहा गया है कि यदि यह कहीं दिखे तो उसे भागने का रास्ता दें और उसका पीछा न करें। एहतियात के तौर पर पांचगांछी गांव में इसे पकड़ने के लिए पिंजड़ा और जाल लगाया जा रहा है। वन विभाग ने आम लोगों से अफवाह न फैलाने, जानवर के नजदीक न जाने और बच्चों को दूर रखने की अपील की है।
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किशनगंज के पांचगांछी में तेंदुए के हमले की खबर अफवाह:वन विभाग ने मौके पर जाकर पुष्टि की, गांव में सिवेट कैट होने का दावा
