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दरभंगा में जीविका से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ सामुदायिक नेतृत्व की मिसाल भी कायम कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से शुरू हुआ महिलाओं का सफर अब संगठन संचालन, वित्तीय प्रबंधन और सामुदायिक विकास तक पहुंच चुका है। इसी क्रम में डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी के नेतृत्व में जिले में जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समितियों की वार्षिक आमसभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में किरतपुर प्रखंड स्थित कमला जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की प्रथम वार्षिक आमसभा उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित की गई। आमसभा में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में वर्षभर की गतिविधियों और उपलब्धियों की समीक्षा के साथ समिति की आगामी कार्ययोजना पर सामूहिक रूप से विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीपीएम कृष्णदेव ठाकुर ने कहा कि जीविका ने ग्रामीण महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का काम नहीं किया है, बल्कि उन्हें सामाजिक और सामुदायिक नेतृत्व का सशक्त मंच भी उपलब्ध कराया है। आज महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान बेहरतर कार्य करने वाली जीविका दीदियों को सम्मानित किया गया।
महिलाएं अपनी जिम्मेदारियां निभा रहीं
संचार प्रबंधक राजा सागर ने कहा कि संकुल संघ जीविका के सामुदायिक संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके माध्यम से महिलाएं अब केवल समूह की सदस्य नहीं रह गई हैं, बल्कि संगठन के संचालन, वित्तीय प्रबंधन और सामुदायिक विकास की जिम्मेदारियां भी प्रभावी ढंग से संभाल रही हैं। छोटे स्तर पर बचत से शुरू हुई यह यात्रा ग्रामीण महिलाओं की बदलती आर्थिक भूमिका और बढ़ते आत्मविश्वास की कहानी है।
गतिविधियों का किया गया मूल्यांकन
वार्षिक आमसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान समिति की ओर से किए गए कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी सदस्यों के समक्ष रखी गई। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की सदस्य दीदियों ने वर्षभर की उपलब्धियों और संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की।
इस दौरान सदस्यों ने समिति को और प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव और प्रस्ताव रखे। महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और सामुदायिक संगठन को और मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। आमसभा में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली जीविका दीदियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी क्षमता पहचानने और उसे आर्थिक गतिविधियों में बदलने का अवसर मिला। सामूहिक बचत, आपसी सहयोग और प्रशिक्षण ने उनके आत्मविश्वास को नई दिशा दी। महिला सशक्तिकरण का दिया संदेश
उपस्थित सदस्यों ने सम्मानित दीदियों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम के समापन पर महिला सशक्तिकरण से जुड़े गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। जीविका दीदियों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया और महिला सशक्तिकरण एवं सामूहिक एकजुटता का संदेश दिया।
इस अवसर पर बीपीएम कृष्णदेव ठाकुर, क्षेत्रीय समन्वयक ब्रजेश कुमार, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ सुमित सौरभ, सामुदायिक समन्वयक मीरा कुमारी, दुर्गानंद सिंह, निखिल झा, जीतन कुमार, लेखापाल शारदानंद झा सहित दर्जनों कैडर रिंकी सिंह, अजित कुमार, मो. मंसूर आलम एवं सैकड़ों जीविका दीदियां मौजूद थीं।
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रोजगार-स्वरोजगार बढ़ाने की बनी कार्ययोजना:वार्षिक आमसभा बेहतर काम करने वाली दीदियां उत्साहित, कार्ययोजना पर की चर्चा
