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अन्ना हजारे से मिले आम वोटर परिषद के राष्ट्रीय महासचिव:100% मतदान और जल संरक्षण अभियान का विजन साझा किया




बिहार और पूरे देश में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में 100 प्रतिशत मतदान, लोकतांत्रिक चेतना, आरओ जल संरक्षण की जनजागरण अभियान और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में आम वोटर परिषद ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। परिषद के राष्ट्रीय महासचिव गव्यसिद्ध डॉ. अश्वनी कुमार ने शुक्रवार 6 नवंबर 2026 को महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि में पद्म भूषण से सम्मानित अन्ना हजारे से मुलाकात की और उन्हें वर्ष 2010-11 के इंडिया अगेंस्ट करप्शन और जनलोकपाल जनआंदोलन के दौरान तत्काल लिखी गई अपनी कविता ‘अगस्त क्रांति के महानायक’ भेंट की। मतदान जलपान सम्मान योजना समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा मुलाकात के दौरान डॉ. अश्वनी कुमार ने परिषद के उद्देश्यों, राष्ट्रवादी विचारों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों सहित दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में 100% वोटिंग को संभव बनाने के उपायों की जानकारी भी अन्ना हजारे को दी। 100% वोटिंग को संभव बनाने और मतदाताओं के मुख्य समस्याओं के समाधान के लिए “राष्ट्रीय वोटर आयोग” बनाने की जरूरत के बारे में विस्तार से बताया। जिसमें पांच प्राणों अर्थात मतदान जलपान सम्मान योजना, डिजिटल ई.वी.एम, वोटर स्लीप मशीन, वोटर मोटिवेशनल गीत- संगीत और यूथ वोटर मोटिवेटर यूनिट की विशेष चर्चा हुई। ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, जागरूक एवं जनहितकारी बनाया जा सके। जल अधिवेशन का आयोजन अबू धाबी में होगा जल अधिवेशन संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में एक अनुमान के अनुसार पूरे देश भर में प्रतिदिन आरओ से निकलने वाले 50 से 100 करोड़ लीटर वेस्ट वाटर जो बेसिन और नालियों में बहाकर व्यर्थ किया जा रहा है उसको बचाया जा सकता है। बहुत से घरेलू कार्यों जैसे बर्तन धोने, किचन गार्डन, कपड़े धोने, बाथरूम समेत अन्य घरेलू कार्यों में उपयोग हो सकता है। 8 से 10 दिसंबर 2026 तक संयुक्त राष्ट्र का जल अधिवेशन संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में आयोजित होने वाला है। वहां पर भारत को इस अभियान की वैश्विक पहल करनी चाहिए। इसके लिए प्रधानमंत्री महोदय को पत्र लिखकर निवेदन किया गया है। इसके लिए देश भर में राष्ट्रीय जल प्रहरी अभियान और ‘मैं भी हूं जल रक्षक योद्धा’ कैंपेन का आयोजन हो रहा है। इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण एवं इसकी आवश्यकता को लेकर अन्ना जी ने नम आंखें से रालेगण सिद्धि के जल संरक्षण के दीर्घकालीन प्रयासों को विस्तार से बताया।



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