‘निर्माण कार्य से पहले हमें सूचना दी गई थी। कंपनी की ओर से गया था कि इंतजार करें। हमारे तकनीकी कर्मचारी मौके पर जाकर जायजा लेंगे, उसके बाद खुदाई कीजिएगा। इसके 15 मिनट बाद ही दोबारा फोन आया कि पाइपलाइन में लीकेज हो गया है। जो पाइपलाइन बिछी हुई थी वो क
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हमारी टीम 20 मिनट में मौके पर पहुंची। दोपहर करीब 12:20 बज रहे थे। हमने गैस रिसाव बंद कर ऑपरेटर को कहा था कि जेसीबी बंद करो इसकी वजह से चिंगारी उठ सकती है। इतना कहते ही ब्लास्ट हो गया।’
मुजफ्फरपुर ब्लास्ट को लेकर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के एरिया मैनेजर अद्रित भट्टाचार्य ने बातें कही हैं।
मामले में अग्निशमन विभाग की जांच रिपोर्ट भी आई है, जिसमें RCD, IOCL की लापरवाही सामने आई है। आज DM कुमार गौरव अग्निशमन विभाग समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। सिलसिलेवार तरीके से जानिए जांच रिपोर्ट में क्या आया..
पहले कुछ तस्वीरें, धमाके के बाद आसपास के घर हिल गए थे….

जहां धमाका हुआ, उससे कुछ दूर आगे वाली बिल्डिंग हिल गई, जो सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई।

बगल में एक और घर है, वो सीसीटीवी में हिलते दिखा।

दुकान में रखे सामान ब्लास्ट के बाद गिर गए।
विभाग की रिपोर्ट में खुलासा, रिपोर्ट में RCD-IOCL की लापरवाही…
40 किलो प्रेशर से लीक हुई PNG गैस, बादल की तरह फैली
अग्निशमन विभाग की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। मंगलवार को मुख्यालय भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, तबाही की असली वजह पीएनजी पाइपलाइन में लीकेज के बाद निकली गैस का आग की चिंगारी के संपर्क में आना था।
वहीं, एलपीजी सिलेंडर से विस्फोट होने की आशंका को लेकर अब तक कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है। उधर, खुफिया विभाग की रिपोर्ट में भी पीएनजी लीकेज और समय पर गैस आपूर्ति बंद नहीं किए जाने के लिए आरसीडी और आईओसीएल को जिम्मेवार ठहराया गया है।
अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी रामनिवास पांडेय के अनुसार, पीएनजी पाइपलाइन में करीब 40 किलो के प्रेशर से गैस प्रवाहित होती है। पाइपलाइन में लीकेज होने पर गैस तेजी से बाहर निकल कर आसपास के इलाके में बादल की तरह फैलने लगती है। ऐसी स्थिति में गैस आग की चिंगारी के संपर्क में आते ही भीषण विस्फोट का कारण बन सकती है।

ये वही मकान है जिसके नीचे गैस का रिसाव हो रहा था।
डीएम आज करेंगे हादसे की वजह और लापरवाही की समीक्षा
बुधवार को डीएम कुमार गौरव अग्निशमन विभाग समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें हादसे की वजह, पीएनजी पाइपलाइन में लीकेज, गैस आपूर्ति बंद करने में हुई देरी और विभागों के बीच समन्वय की स्थिति की समीक्षा होगी।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को बुलाया गया है। अग्निशमन और खुफिया विभाग की रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारियों और सुरक्षा व्यवस्था में चूक के बिंदुओं पर चर्चा होने की संभावना है।
आरसीडी-आईओसीएल में तालमेल नहीं
जिला खुफिया विभाग ने भी अपनी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी है। इसमें पीएनजी पाइपलाइन में लीकेज होने और समय पर गैस आपूर्ति बंद नहीं किए जाने को गंभीर लापरवाही माना गया है।
रिपोर्ट में सड़क निर्माण विभाग (आरसीडी) और आईओसीएल के बीच आपसी समन्वय की कमी को भी हादसे की बड़ी वजह बताया गया है। इसके अलावा गोबरसही इलाके में अवैध रूप से एलपीजी सिलेंडर की रिफिलिंग किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
अब जानिए क्या है पूरा मामला
2 नवंबर (सोमवार को) मुजफ्फरपुर में PNG पाइपलाइन फट जाने से जोरदार ब्लास्ट हुआ। इस हादसे में एक युवक के सिर के चिथड़े उड़ गए, जबकि 12 लोग घायल हुए। ब्लास्ट की आवाज तीन किलोमीटर तक सुनाई दी। स्थानीय लोगों के मुताबिक 200 मीटर के दायरे में बने कई मकानों की खिड़कियों के शीशे टूटे।
पास से गुजर रही एक थार गाड़ी भी धमाके की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मकान और दुकानों के शटर टूटे, जली गाड़ियां और सड़क पर बिखरा मलबा धमाके की भयावहता बयां करते नजर आए।
अब तस्वीरों में देखिए धमाके के बाद गोबरसही-डुमरी रोड का भयावह मंजर

ब्लास्ट इतना जोरदार था कि एक युवक के सिर के चिथड़े उड़ गए।

झुलसा हुआ एक शख्स कराहते हुए जान बचाकर भागता दिखा।

घटनास्थल के पास बिखरा खून और मांस का लोथड़ा।

नाला खुदाई के दौरान PNG पाइपलाइन में ब्लास्ट हुआ था।
अब जानिए धमाके का असर कितनी दूर तक था, स्थानीय लोगों ने क्या कहा था….
धमाके का असर 200 मीटर तक दिखा था
ब्लास्ट के बाद चार मंजिला मकान का अगला हिस्सा मलबे में बदल गया था और आसपास के पांच-छह मकानों समेत कई दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा।
धमाके का असर करीब 150 से 200 मीटर के दायरे में दिखा, इसकी आवाज करीब तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास के पांच-छह मकान और कई दुकानें भी क्षतिग्रस्त हुईं हैं।
परिवार के साथ घर से नहीं भागते तो चली जाती सभी की जान
स्थानीय निवासी चंदन कुमार ने बताया, गैस रिसाव की दुर्गंध बढ़ने के बाद मैं पूरे परिवार के साथ घर से बाहर निकल गया। सभी लोग घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर तक दौड़कर भागे। चारों तरफ धुआं ही धुआं फैल गया था। करीब 200 मीटर तक के इलाके में लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे।

‘पहले लगा कि ट्रांसफार्मर फटा है’
घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर रहने वाले अविनाश कुमार ने कहा कि घटना के वक्त मैं अपने घर में ही था। अचानक इतनी तेज आवाज हुई, लगा कि घर की छत टूटकर गिर रही हो।
मैं घटनास्थल से 200 मीटर दूर था, फिर भी आवाज बहुत तेज की थी। मैं घर से बाहर निकला तो देखा पूरी कॉलोनी के लोग सड़क पर आ चुके हैं। किसी को समझ नहीं आ रहा था आखिर क्या हुआ।
सभी एक-दूसरे से पूछ रहे थे, ये कैसी आवाज है। शुरुआत में कुछ लोगों को ट्रांसफार्मर फटने की आशंका हुई। इसके बाद मैं और आसपास के कुछ लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां पहुंचे तो पता चला कि पीएनजी गैस से ब्लास्ट हुआ।

घायल सोनम कुमारी का चल रहा इलाज।
एक की मौत, 12 घायल
अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट में हादसे की भयावहता का भी ब्योरा दिया गया है। इसमें एक व्यक्ति की मौत और 12 लोगों के जख्मी होने की जानकारी दी गई है।
विस्फोट में तीन घरों के अलावा जेसीबी, थार, बाइक और स्कूटी समेत कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए। अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ी समय पर घटनास्थल पर पहुंच गई थी। इससे आग पर काबू पाने में मदद मिली और संभावित रूप से इससे भी बड़ा हादसा टल गया।
