Headlines

नदी में जलकुंभी-सड़ते शव, घरों तक पहुंच रही दुर्गंध:कचरे से बागमती हो रही गंदी, ग्रामीण बोले- छठ से पहले सफाई नहीं हुई तो करेंगे सड़क जाम




दरभंगा में बरहेता-अहिला पुल के पास बागमती नदी में भारी मात्रा में जलकुंभी और गंदगी जमा है। जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं। नदी की बदहाल स्थिति के कारण आसपास के घरों तक दुर्गंध पहुंच रही है। ग्रामीणों के अनुसार, कचरे के कारण नदी का जलप्रवाह बाधित हो रहा है। नदी में बहकर आने वाले मरे हुए जानवर और अन्य सड़ी-गली गंदगी पुराने पुल के पास फंस जाती है। इसके सड़ने से आसपास के इलाके में तेज दुर्गंध फैलती है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार नदी में मानव शव भी बहकर आते हैं, जो पुल के पास फंसकर सड़ने लगते हैं। इससे आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने छठ से पहले सफाई की मांग की, नहीं होने पर सड़क जाम की चेतावनी दी है। मामला बहादुर प्रखंड की खराजपुर पंचायत की है। एक साल से समस्या झेल रहे ग्रामीण ग्रामीणों का कहना है कि करीब 1 साल से समस्या है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अब तक सफाई की पहल नहीं की गई है। स्थिति ऐसी है कि घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है।
तीन पुलों में एक बना परेशानी का कारण ग्रामीणों ने बताया कि इस स्थान पर बागमती नदी पर तीन पुल बने हुए हैं। इनमें एक पुराना पुल है, जिसका अब कोई उपयोग नहीं होता, लेकिन वह अभी भी खड़ा है। इसी पुल के पाये और आसपास जलकुंभी-गंदगी फंस जाती है। दूसरा पुल वर्तमान में आवागमन के लिए उपयोग किया जा रहा है, जबकि तीसरा नया पुल बनकर तैयार हो रहा है, जिसका उद्घाटन आने वाले दिनों में होना है। ग्रामीणों की मांग है कि अनुपयोगी पुराने पुल को हटाया जाए, ताकि भविष्य में जलकुंभी और गंदगी जमा होने की समस्या कम हो सके। पिछले साल चंदा कर ग्रामीणों ने कराई थी सफाई स्थानीय लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर पहले भी जिलाधिकारी को आवेदन देकर शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पिछले साल भी ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर नदी की सफाई कराई थी। उस दौरान पानी में जगह-जगह मरे हुए जानवरों के अवशेष और भारी मात्रा में गंदगी मिली थी। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका और इस साल फिर वही स्थिति उत्पन्न हो गई है।
छठ से पहले सफाई नहीं हुई तो करेंगे सड़क जाम ग्रामीण सिबो देवी, पूनम देवी, प्रियंका कुमारी, मनोज राय, आकाश कर्ण, विकास झा, राजेश सिंह, मो. मकसूद, लड्डू और मो. दिलदार खां ने बताया कि 24 घंटे दुर्गंध से परेशान रहते हैं। घर नदी के किनारे होने के कारण दुर्गंध सीधे घरों तक पहुंचती है। आखिर हम अपना घर छोड़कर कहां जाएं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *