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किसानों के लिए रातभर खेत की रखवाली की टेंशन खत्म!:बेगूसराय- 8वीं की छात्राओं ने बनाई AI बेस्ड डिवाइस, जानवर के पहुंचते ही बजेगा बजर




देश के किसानों को अपनी लहलहाती फसलों को बचाने के लिए कड़कड़ाती ठंड, आंधी-तूफान या चिलचिलाती धूप में रात-रातभर जागकर खेतों की रखवाली करने की मजबूरी से हमेशा के लिए निजात मिल सकती है। देश के किसी भी हिस्से में किसान अपनी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए दिन-रात खेतों की चौकसी करते हैं। क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही होने पर आवारा पशु, जंगली जानवर या असामाजिक तत्व उनकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। खासकर नीलगाय बिहार और उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक बहुत बड़ा और स्थायी सिरदर्द बनी रहती हैं, जिससे उनकी महीनों की मेहनत पलभर में स्वाहा हो जाती है। किसानों की इसी गंभीर और पुरानी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए बेगूसराय की दो बाल वैज्ञानिकों ने एक ऐसी डिवाइस तैयार की है, जो किसानों को घर बैठे ही फसल क्षति या घुसपैठ की हर एक रियल टाइम में उपलब्ध कराएगा। इस डिवाइस को बेगूसराय में आयोजित 32वें स्टेट लेवल नेशनल चिल्ड्रन्स साइंस कांग्रेस में प्रदर्शित किया गया है। 8वीं की दो छात्राओं ने इनोवेट किया ‘AI स्मार्ट फार्म गार्डियन’ डिवाइस 8वीं की दो छात्राओं जानवी कुमारी और काव्या मिश्रा ने किसानों की मदद के लिए जो डिवाइस तैयार किया है, उसे ‘AI स्मार्ट फार्म गार्डियन’ नाम दिया है। दोनों ने बताया कि उनका ये प्रोजेक्ट पूरी तरह से आधुनिक लेजर तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अवधारणा पर आधारित है। उन्होंने बताया कि किसानों की रोजाना की व्यावाहारिक परेशानियों को देख कर इस प्रोजेक्ट को तैयार करने का ख्याल आया। उन्होंने कहा कि अगर हमारे अन्नदाता सुरक्षित नहीं रहेंगे तो इसका सीधा असर पूरे देश की दैनिक जीवनचर्या और खाद्य सुरक्षा पर पड़ेगा। किसानों को अपनी खेती के दौरान सूखा पड़ने, अप्रत्याशित रूप से अत्यधिक वर्षा होने या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ आवारा पशुओं के आतंक से लगातार जूझना पड़ता है। खेत में आवारा जानवरों के घुसते ही खुद बजेगा बजर जानवी और काव्या ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा लेजर सिक्योरिटी सिस्टम है। इसके तहत खेत की चौहद्दी पर एक विशेष लेजर लगाया जाता है जो एक अदृश्य और मजबूत इलेक्ट्रॉनिक सर्किट का निर्माण करता है। रात के समय यह तकनीक सबसे अधिक अचूक और प्रभावी साबित होती है। जब भी खेत में नीलगाय या अन्य कोई जंगली जानवर फसल को नुकसान पहुंचाने के इरादे से घुसपैठ करता है, तो यह लेजर बीम बाधित हो जाती है और सर्किट टूट जाता है। लेजर बीम के टूटते ही इससे जुड़ा हुआ एक तेज बजर खुद बजने लगता है, जिससे आसपास मौजूद किसान या खेत का मालिक तुरंत सतर्क हो जाते हैं और समय रहते मौके पर पहुंचकर फसल को बचा लेते हैं। इसके अलावा इस सिस्टम के माध्यम से खेत के मालिक को इसकी रियल-टाइम जानकारी भी तुरंत मिल जाती है, जिससे वे अपने घरों में चैन की नींद सो सकते हैं। AI स्मार्ट फार्म गार्डियन डिवाइस चार अलग-अलग मोर्चे पर काम करता है जानवी और काव्या ने बताया कि उनके द्वारा विकसित AI स्मार्ट फार्म गार्डियन डिवाइस में मुख्य रूप से चार अलग-अलग और बेहद उपयोगी मोर्चों पर काम करने की क्षमता है। सबसे पहली और अहम जरूरत फसलों को नीलगाय जैसे खतरनाक जंगली जानवरों और फसल उजाड़ने वाले घुसपैठियों से बचाना है। दूसरी बड़ी विशेषता इसका आधुनिक वेदर स्टेशन है। वेदर स्टेशन फसल की बुवाई और देखरेख की सही प्लानिंग के लिए तापमान, ह्यूमिडिटी यानी वायु की आर्द्रता और रेट प्रेसिपिटेशन यानी वर्षा की सटीक जानकारी स्थानीय स्तर पर देता है। तीसरी महत्वपूर्ण विशेषता इसका स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम है। जिसकी सहायता से मिट्टी में मौजूद नमी का सही वैज्ञानिक आकलन करके केवल उतनी ही मात्रा में पानी पौधों को दिया जाता है। जितनी उनकी वास्तव में जरूरत होती है, जिससे जल की भी भारी बचत होती है। चौथी और अंतिम विशेषता इसका क्रॉप डिजीज डिटेक्टर है। जिसकी मदद से यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि खेत में लगा पौधा पूरी तरह स्वस्थ है या किसी बीमारी की चपेट में आ गया है। 38 जिलों के स्कूल से आए बाल वैज्ञानिकों ने पेश किए अपने प्रोजेक्ट्स, इनोवेशन बिहार साइंस एजुकेशन सोसाइटी की ओर से आयोजित इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय विज्ञान कांग्रेस में बिहार भर के सभी 38 जिलों से आए बाल वैज्ञानिकों ने अपनी एक से बढ़कर एक वैज्ञानिक सोच और इनोवेशन का प्रदर्शन किया है। आयोजन में 318 साइंस प्रोजेक्ट पेश की गईं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और शोध के प्रति गहरी रुचि विकसित करना है। यहां अपनी कला और प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन करने वाले ऊर्जावान प्रतिभागियों को आगामी राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में अपनी प्रतिभा का राष्ट्रीय स्तर पर जौहर दिखाने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा।



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